गुडग़ांव - नौरंगपुर, नखड़ौला और मानेसर की 688 एकड़ जमीन के मामले में रियल एस्टेट डेवल्पर्स कंपनियों द्बारा की गई धांधली की जांच अब सीबीआई करेगी। सरकार ने इस मामले की जांच सीबीआई से करवाने का फैसला लिया है। सरकार ने यह फैसला रियल एस्टेट कंपनियों और पूर्व में कांग्रेस सरकार के नेताओं के गठजोड़ की तह तक जाने के लिए लिया है। सरकार इस मामले में स्थानीय एजेंसियों से जांच करवाकर अपने दामन पर कोई दाग नहीं लगवाना चाहती।
संभवत: इसी के चलते मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कुरुक्षेत्र में एक कार्यक्रम में इसकी घोषणा की। अब जल्द ही राज्य सरकार इसकी सिफारिश कर देगी। इसके बाद सीबीआई इस जमीन को अधिग्रहण से मुक्त करने की पड़ताल शुरू करेगी। बिल्डर्स के खिलाफ एक्शन मोड़ में आई सरकार इस कार्य में पूरी तेजी बरतेगी। सूत्र बताते हैं कि सीएम कार्यालय ने उक्त सिफारिश से संबंधित कार्रवाई शुरू कर दी है। करीब एक दर्जन रियल एस्टेट डवल्पर्स इस कार्रवाई के दायरे में सीधे तौर पर सामने आ सकते हैं। इस क्षेत्र में डीएलएफ का भी एक प्रोजेक्ट है। हालांकि यह प्रोजेक्ट कंपनी ने यहां बाद में लांच किया है।
इस मामले में गुडग़ांव पुलिस ने मानेसर गांव के पूर्व सरपंच ओमप्रकाश यादव के बयान पर बृहस्पतिवार को ही एफआईआर दर्ज की है। इसमें आरोप लगाया गया है कि 27 अगस्त 2004 से दो अगस्त 2007 के बीच नौरंगपुर, नखड़ौला व मानेसर की 912 एकड़ जमीन के लिए सेक्शन 4 के नोटिस जारी किए थे। इसमें से 224 एकड़ जमीन यूनिटेक लिमिटेड के लिए रिलीज कर करते हुए 688 एकड़ जमीन के सेक्शन 6 के नोटिस जारी कर दिए। सेक्शन छह के नोटिस जारी होने के बाद भी इस अवधि में 300 एकड़ से अधिक जमीन बिल्डर्स ने खरीद ली और सेक्शन 9 जारी करने के बाद सारी जमीन को अधिग्रहण के दायरे से बाहर कर दिया गया।
ओमप्रकाश यादव ने आरोप लगाया कि सेक्शन 6 के नोटिस के बाद शुरू हुआ खेल वर्ष 2007 में जमीन का अवार्ड सुनाने के बाद चरम पर पहुंच गया। मात्र 10 दिनों के अंतराल पर जमीन के रेट में 4 गुणा तक की बढ़त दर्ज की गई। राजस्व रिकार्ड के अनुसार 25 जुलाई, 2007 को जिस गांव की जमीन 45 लाख रुपये एकड़ में बिकी, ठीक 10 दिन बाद अगस्त 2007 में डेढ़ करोड़ रुपये एकड़ में बिकी। यहां यूनिटेक, एबीडब्ल्यू, डीएलएफ, मेट्रोपोलिस रिटेलर्स, मेट्रोपोलिस इंफ्रास्ट्रक्चर, एंजीक्ल्यू रिटेलर्स सहित 12 से अधिक कंपनी ने लगभग सारी जमीन खरीदकर इस पर अपने प्रोजेक्ट के लाइसेंस ले लिए थे।