रोहतक - समाजसेवी अन्ना हजारे ने पूर्व सैनिकों से आह्वान किया है कि वन रैंक, वन पेंशन की मांग को लेकर वह जेल जाने के लिए भी तैयार रहें। यदि 2 अक्टूबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में होने वाली रैली के बाद भी समाधान नहीं हुआ तो देशभर के सांसदों के घरों के बाहर भजन के माध्यम से विरोध दर्ज कराएंगे। रोहतक में पूर्व सैनिकों की रैली में अन्ना हजारे ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सरकार ने चुनाव से पूर्व वन रैंक, वन पेंशन का वादा किया था, लेकिन सवा साल बाद भी उसे लागू नहीं किया गया।
हजारे ने कहा कि संसद से भी बड़ी जनसंसद है और अगर संसद सही ढंग से काम न करे तो जनसंसद सबक सीखा सकती है। रविवार को वन रैंक, वन पेंशन की मांग को लेकर प्रदेश भर के पूर्व सैनिक रोहतक में एकजुट हुए। यूनाइटेड फ्रंट ऑफ एक्स सर्विसमैन के बैनर तले हुई रैली में पूर्व सैनिकों ने एक सुर में वन रैंक, वन पेंशन को लागू करने की मांग की। रैली में मुख्य अतिथि पहुंचे समाजसेवी अन्ना हजारे ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि भाजपा ने चुनाव से पूर्व वादा किया था कि अगर सत्ता में आई तो तुरंत ही वन रैंक, वन पेंशन लागू की जाएगी। लेकिन एक साल से ज्यादा का समय हो चुका है और सरकार ने अब तक अपना वादा पूरा नहीं किया है। इस बारे में सुप्रीम कोर्ट का भी निर्णय आ चुका है, लेकिन सरकार सुप्रीम कोर्ट के आदेश का भी पालन नहीं कर रही है।
हजारे ने काला धन के मुद्दे पर भी सरकार की आलोचना की। उन्होंने कहा कि भाजपा ने चुनाव से पहले कहा था कि काला धन वापस लेकर आएंगे, लेकिन अब तक कुछ नहीं हुआ। लोगों ने अच्छे दिन के आश्वासन पर ही भाजपा के पक्ष में वोटिंग की थी, लेकिन सत्ता संभालते ही भाजपा सब वादे भूल गई। इसी प्रकार किसानों से किया गया कोई भी वादा इस सरकार ने पूरा नहीं किया। उन्होंने सरकार की मंशा पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि सरकार की कथनी और करनी में अंतर है। अन्ना हजारे ने 15 दिन से संसद ठप रहने पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि हर रोज करीब 2 करोड़ रुपये बर्बाद जा रहा है। यह सब जनता का पैसा है।
जनता ने सांसदों को सेवक बनाकर भेजा है। वे सेवक हैं और जनता मालिक है। समाजसेवी हजारे ने कहा कि अपनी मांग मनवाने के लिए आंदोलन ही एकमात्र रास्ता है। अन्ना ने कहा कि वे वन रैंक, वन पेंशन की मांग को लेकर राजस्थान बिहार, उत्तर प्रदेश, कर्नाटक, तमिलनाडु समेत कई राज्यों का दौरा कर लोगों को जागरूक करेंगे। इसके बाद दो अक्टूबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में रैली होगी। यह रैली वर्ष 2011 में रामलीला मैदान में ही हुई रैली जैसी क्रांति पैदा करेगी। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार समेत कई विषयों को लेकर लड़ाई लड़ी जानी है।