शिमला - मनाली से रोहतांग के बीच बनने वाले रोप वे का रास्ता साफ हो गया है। हिमाचल प्रदेश मंत्रिमण्डल ने आज पलचान से रोहतांग के बीच बनने वाले इस रोपवे को बनाने संबंधी प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। मंत्रिमण्डल की मंजूरी के बाद अब इस संबंध में रोपवे बनाने वाली कंपनी मै़ मनाली रोपवे प्राईवेट लिमटेड के साथ सरकार द्वारा समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए जाएंगे। यह हस्ताक्षर सरकार की तरफ से निदेशक पर्यटन करेंगे। इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर 340 करोड़ रुपए खर्च होंगे। गौरतलब है कि नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल द्वारा दिए गए आदेशों के बाद मनाली से रोहतांग के बीच रोपवे बनाया जाना जरूरी हो गया है। ग्रीन ट्रिब्यूनल का कहना है कि रोपवे के निर्माण से ही इस क्षेत्र में वाहनों के कारण फैलने वाले प्रदूषण से मुक्ति मिल पाएगी। नैशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल रोपवे के निर्माण को लेकर सरकार द्वारा बरती जा रही ढील को लेकर भी नाराजगी जता चुका है।
प्रदेश मंत्रिमण्डल ने आज राज्य में सात अन्य रोपवे बनाए जाने की भी मंजूरी प्रदान की। इनमें पालमपुर के न्यूगल, भूंतर-बिजली महादेव, धर्मपुर-त्रियुंड, टोबा-नयना देवी जी, शाहतलाई-दियोटसिद्ध और सराहन-बासल कांडा परियोजनाएं शामिल हैं। न्यूगल रोपवे परियोजना तो करीब 25 साल पुरानी है। इस परियोजना को शांता कुमार सरकार के समय में शुरू करने का निर्णय लिया गया था लेकिन यह आज तक शुरू नहीं हो पाई।