धर्मशाला - केंद्र सरकार द्वारा विदेश व सुरक्षा नीति में बड़ा बदलाव लाने के साथ ही सुरक्षा की दृष्टि से नए केंद्र विकसित करने की भी तैयारियां शुरू कर दी हैं। पड़ोसी राज्यों जे एंड के व पंजाब में बढ़ती आतंकी घटनाओं के बाद सुरक्षा की दृष्टि से पंजाब की बजाय हिमाचल को सेंटर बनाने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए रक्षा मंत्रालय ने कांगड़ा में 1200 एकड़ जमीन मांगी है। कांगड़ा में हवाई अड्डे के विस्तारीकरण की मुहिम और इसके राष्ट्रीय राजमार्ग के साथ सटे होने के कारण इस भूमि पर अड्डा व एम्युनिशन सेंटर बनाया जा सकता है।
इस तैयारी के लिए वायु सेना के माध्यम से रक्षा मंत्रालय ने हवाई अड्डे के विस्तारीकरण सहित करीब 1200 एकड़ भूमि देने का प्रोपोज प्रदेश सरकार को भेजा है। अब सरकार हवाई अड्डे के विस्तारीकरण में पुराने व नए दोनों प्रस्तावों पर विचार कर रही है। बढ़ती आतंकी घटनाओं के बाद हिमाचल को सुरक्षा की दृष्टि से बेहतर विकल्प मानते हुए केंद्र सरकार सुरक्षा के नए ठिकानों की तलाश कर रही है। कांगड़ा हवाई अड्डे के निकट एनएच सहित योल और धर्मशाला कैंट में आर्मी के बड़े केंद्र हैं। इसके अलावा चड़ी में भी 3 आर्मी कैंप है तथा हवाई अड्डे के साथ ही बनोई के पास ही रिजर्व फोर्स का सेंटर भी बन रहा है। ऐसे में कांगड़ा का गगल हवाई अड्डा व उसके आसपास का स्थान सबसे सुरक्षित व आसानी से पहुंच वाला स्थान है। ऐसे में एमर्जेंसी में लड़ाई के सामान आदि के लिए भी कांगड़ा सुरक्षित ठिकाना हो सकता है।
हवाई अड्डे के विस्तारीकरण के लिए चल रही मुहिम के बीच अचानक रक्षा मंत्रालय की प्रपोजल के बाद प्रदेश सरकार हवाई अड्डे के विस्तारीकरण के लिए चलाई गई मुहिम पर नए सिरे से विचार कर रही है।हवाई अड्डे के पास तीन किलोमीटर एरिया खाली होगाएयरपोर्ट अथारिटी आफ इंडिया द्वारा सुझाए गए पुराने प्लान के अनुसार करीब 300 एकड़ भूमि की आवश्यकता थी, लेकिन वायु सेना के नए प्रोपोजल में करीब 1200 एकड़ जमीन मांगी है, जिससे गगल व आसपास के करीब दो से तीन किलोमीटर से भी अधिक एरिया को खाली करवाना पड़ सकता है।