शिमला - हाई कोर्ट के स्थगन आदेशों के बावजूद राज्य सूचना आयोग द्वारा प्रियंका वढेरा की जमीन संबंधी सूचना देने के मामले में सुनवाई जारी रखने पर हाई कोर्ट में अवमानना याचिका दायर की गई है। इस याचिका में मुख्य सूचना आयुक्त भीम सेन व राज्य सूचना आयुक्त केडी बातीश को निजी तौर पर प्रतिवादी बनाया है। प्रार्थी प्रियंका के अनुसार सात जुलाई को प्रदेश हाई कोर्ट ने राज्य सूचना आयोग के फैसले पर रोक लगा दी थी, जिसके तहत डीसी शिमला व एडीएम शिमला को आरटीआई कार्यकर्ता को 10 दिनों के भीतर जानकारी उपलब्ध करवाने के आदेश दिए थे। प्रियंका वढेरा ने अपनी अवमानना याचिका में यह आरोप लगाया है कि हाई कोर्ट के स्पष्ट स्थगनादेशों के बावजूद राज्य सूचना आयोग मामले पर सुनवाई जारी रखे हुए हैं।
राज्य सूचना आयोग ने डीसी, एडीएम शिमला व तहसीलदार (ग्रामीण) से जमीन संबंधित रिकार्ड 20 अगस्त के लिए तलब किया है। प्रार्थी का कहना है कि सूचना आयोग ने हाई कोर्ट के स्टेट आर्डर को दरकिनार कर रिकार्ड मंगवाया है,जो कि अदालती आदेशों की सरेआम अवमानना है। उल्लेखनीय है कि आरटीआई कार्यकर्ता देवाशीष भट्टाचार्य ने प्रियंका वढेरा की छराबड़ा स्थित भूमि संबंधी जानकारी मांगी थी। प्रियंका की सुरक्षा के दृष्टिगत डीसी व एडीएम शिमला ने यह जानकारी देने से मना कर दिया था। इन आदेशों को आवेदनकर्ता ने राज्य सूचना आयोग के समक्ष चुनौती दी थी।
आयोग ने 29 जून को पारित अंतरित आदेशों के तहत मांगी गई सूचना दस दिनों के भीतर देने के आदेश जारी कर दिए थे। इसके अलावा आयोग ने दोनों अधिकारियों के खिलाफ मांगी गई सूचना न देने के लिए दंडित करने बाबत कारण बताओ नोटिस जारी किए थे। हाई कोर्ट ने इन आदेशों पर सात अगस्त तक रोक लगा दी थी। स्थगन आदेश से जुड़े इस मसले पर आगामी सुनवाई अब सात अगस्त को होगी।