पानीपत / सोनीपत - जाट आरक्षण को लेकर रविवार को कवी गांव में पंचायत का आयोजन किया गया। इसमें प्रदेश भर से जाट आरक्षण संघर्ष समिति से जुड़े लोगों ने शिरकत की। पंचायत में जाटों ने केंद्र व प्रदेश सरकार के सिर आरक्षण समाप्ति का ठिकारा फोड़ते हुए फिर से चेताया कि वे जाटों को कमजोर न समझें। जाट अपना अधिकार लेकर रहेंगे, चाहे इसके लिए उन्हें किसी भी हद तक क्यों न जाने पड़े। उन्होंने बिरादरी के लोगों का भी आह्वान किया कि वे अपने अधिकार के लिए आंदोलन को तैयार रहें। यहां कवी गांव के राजकीय स्कूल प्रांगण में हुई पंचायत में जाटों ने हुंकार भरते हुए कहा कि वह कमजोर नहीं हैं और न ही आंदोलन को कमजोर होने देंगे।
पंचायत में जाट आरक्षण संघर्ष समिति के प्रदेशाध्यक्ष कमाडेंट हवा सिंह सांगवान ने कहा कि सरकार जाटों को कमजोर समझने की भूल कर रही है। इसलिए इस मामले में जानबूझ कर देरी हो रही है। उन्होंने कहा कि केंद्र व प्रदेश की सरकार की नीयत साफ नहीं है। कमाडेंट सांगवान ने ऐलान किया कि आरक्षण लेने के लिए पहले से बड़ा आंदोलन करना पड़ेगा, क्योंकि केन्द्र व राज्य सरकार में ज्यादात्तर उनके आरक्षण के विरोधी बैठे हैं। उन्होंने कहा कि यही वो लोग हैं, जो कहते कुछ हैं और करते कुछ। ऐसे लोगों ने निपटने का अब समय नजदीक आ गया है। उन्होंने कहा कि जाट मंत्री, विधायक व एमपी जाट आरक्षण की आवाज नहीं उठा रहे।
जाट नेता एडवोकेट मनोज दूहन ने कहा कि जाट विरोधी लोग देश व प्रदेश पर हुकूमत कर रहे हैं। उन्होंने अपने भाषण में हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट पर भी आपत्तिजनक टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट में सरकार की ओर से जाट आरक्षण की पैरवी करने वाला वकील ब्राह्मण था। उन्होंने कहा कि खून दान करना बंद करें जाट और न ही किसी से खून लें। सयुंक्त जाट आरक्षण समिति के प्रदेशाध्यक्ष जगबीर गोयत ने कहा कि एससी-बीसी समेत गुज्जरों को जब आरक्षण दिया जा रहा है, तो जाटों को क्यों नही। इस मौके पर सुनील बांगड़, सुधीर जाखड़, बिजेंद्र बांगड़ समेत प्रदेशभर से अनेक जाट नेता आए हुए थे।