पंचकूला - मुख्यमंत्री का चंडीगढ़ स्थित आवास, जहां मुख्यमंत्री रात 8 बजे अधिकारियों के साथ विचार-विमर्श के बाद अचानक से मुख्यमंत्री आवास से बिना सिक्योरिटी कार से सीधे पहुंच जाते हैं सेक्टर 5 के थाने में, जहां सन्नाटा पसरा हुआ है और घुप्प अंधेरा छाया हुआ है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने रविवार देर रात सेक्टर 5 के थाने में छापा मारा। छापे के दौरान उन्होंने थाने में अनियमितताओं पर डीसीपी अनिल धवन को झाड़ लगायी, उसके बाद थाने में मौजूद नाइट मुंशी, संतरी और एक अन्य सिपाही का मेडिकल भी करवाया। मुख्यमंत्री के इस छापे के पीछे आशंका जतायी जा रही है कि पुलिस कर्मी कहीं नशे में न हों।
छापे के दौरान मौके पर सीएमओ को भी बुलाया गया जिन्होंने पुलिस कर्मियों की जांच की। मुख्यमंत्री का थाने में अचानक पहुंचना हालांकि पूर्व निर्धारित कार्यक्रम नहीं था। मुख्मंत्री रात 8.20 बजे पर जैसे ही थाने पहुंचे उनके पीछे-पीछे मीडिया एडवाइजर अमित आर्य, पीए अभिमन्यु भी पहुंचे। उस समय थाने के बाहर पीसीआर भी खड़ी थी जिसे मुख्यमंत्री के थाने में होने की भनक तक नहीं लग पायी। मीडिया एडवाइजर अमित आर्य ने बताया कि मुख्यमंत्री थाने में पहुंचे उस समय थाने के गेट पर कोई संतरी तैनात नहीं था, वे थाने में अंदर गये जहां उनकी मुलाकात नाइट मुंशी सहित 3 कर्मियों से हुई। इन कर्मियों में से एक ने जैसे ही सीएम को पहचाना, तभी उसने जेब से मोबाइल निकाल कर अपने अफसर से बात करनी चाही लेकिन मुख्यमंत्री ने मना कर दिया।
मुंख्यमंत्री ने नाइट मुंशी से पूछा कि थाना खाली क्यों पड़ा है यह कहते हुए वे बरामदे में जैसे ही दाखिल हुए। पीछे-पीछे उपायुक्त विवेक अत्रेय, डीसीपी अनिल धवन, सभी एएसपी वहां पहुंच गये। डीसीपी ने मुख्यमंत्री को बताया कि सेक्टर 5 में चल रहे धार्मिक समागम में थाने की फोर्स तैनात है। इस पर मुख्यमंत्री ने पूछा कि इस सुनसान थाने में रात को कौन अपनी शिकायत देने यहां आयेगा। उन्होंने उपायुक्त से कहा कि थाने के बाहर छाये घुप्प अंधेरे से आखिर कोई भी डर जाएगा। मुख्यमंत्री द्वारा शौचालय का निरीक्षण करने पर उन्होंने पुलिस अधिकारी को जमकर फटकार भी लगायी।