गुडग़ांव - बरसात और ओलावृष्टि से बर्बाद हुई फसलों के मुआवजे के रूप में किसानों को जो चेक मिले वे बाउंस हो गए। इसके बाद भडक़े किसानों ने शुक्रवार को फर्रूखनगर तहसील में जोरदार प्रदर्शन किया। किसानों ने फर्रूखनगर की तहसीलदार को ज्ञापन भी सौंपा। चेतावनी भी दी कि 15 अगस्त तक मुआवजे की रकम नहीं मिली तो वे बड़े स्तर पर मोर्चा खोलने को मजबूर हो जाएंगे। संजीव यादव उर्फ पप्पू के नेतृत्व में पहुंचे किसानों ने आरोप लगाया कि सरकार की ओर से मुआवजे के जो चेक किए गए हैं वे या तो अपर्याप्त राशि के हैं या फिर किसी न किसी कारण से बैंक ने रद्द कर दिए।
ऐसे में महीनों इंतजार के बाद भी किसानों को उनकी फसलों का मुआवजा नहीं मिला है। किसानों ने आरोप लगाया कि राजस्व विभाग ने पहले ही गिरदावरी भी भेदभावपूर्ण तरीके से कराई थी। जिसके चलते सैकड़ों किसानों की फसलों के नुकसान की गिरदावरी तक नहीं हुई। इतना ही नहीं जिन किसानों को सरकार की ओर से मुआवजा राशि के रुप में चेक वितरित किए गए उनमें से करीब 2 हजार चेक खारिज हो गए। इसके चलते किसानों के ऊपर दोहरी मार पड़ रही है, किसानों ने सवाल उठाया कि जब सरकार के खाते में पैसे ही नहीं हैं तो किसानों के जख्मों पर मरहम लगाने के लिए चेक वितरित क्यों किए गए।
सरकार ने किसानों का मजाक उड़ाया है। किसानों ने चेतावनी दी है कि अगर सरकार 15 अगस्त तक किसानों को मुआवजा राशि नहीं देती है तो सडक़, रेल मार्ग जाम कर दिए जाएंगे और किसान भूख हड़ताल व प्रदर्शन करने को मजबूर हो सकते हैं। तहसीलदार पूनम बब्बर ने किसानों को आश्वासन दिया कि जो किसान रह गए हैं, उन्हें 10 अगस्त तक चेक दे दिए जाएंगे। इस मौके सुखबीर तंवर, राव मान सिंह, शिवशंकर, महेंद्र सिंह, रोहताश चौधरी, इंद्र सिंह, शमशेर यादव, राहुल राव, मनोज यादव, अशोक शर्मा व अन्य मौजूद थे।