चंडीगढ़, 28 फरवरी - हरियाणा के मुख्यमंत्री भूपेन्द्र सिंह हुड्डा ने आज कहा कि सतलुज-यमुना लिंक नहर के मुद्दे को सुलझाने के लिए पंजाब के साथ न्यायालय के बाहर भी बातचीत करने को तैयार है। हरियाणा अपने हिस्से का पानी लेकर रहेगा।
मुख्यमंत्री हुड्डा हरियाणा विधानसभा में चल रहे बजट सत्र के दौरान राज्यपाल के अभिभाषण पर सदन में अपना जवाब प्रस्तुत करने उपरांत पत्रकारों को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि हरियाणा ने पंजाब को सदैव अपना बड़ा भाई माना है और उन्हें छोटे भाई के साथ इसी के अनुसार व्यवहार करना चाहिए। वे इसके लिए खुले दिल और दिमाग से बातचीत करने को तैयार है और वे इसके लिए पहले भी न्यौता दे चुके है।
हुड्डा ने कहा कि वे पंजाब के मुख्यमंत्री सरदार प्रकाश सिंह बादल तथा पूर्व मुख्यमंत्री चौधरी देवीलाल का सदैव आदर करते है और पिता के समान मानते है। उन्होंने स्मरण करवाया कि बादल और देवीलाल दोनों ने कांग्रेस पार्टी से अपने चुनाव लड़े थे। यहां तक कि पूर्व मुख्यमंत्री ओम प्रकाश चौटाला भी कांग्रेस पार्टी से चुनाव लड़कर अपने राजनैतिक जीवन की शुरूआत की थी। उन्होंने रहस्योद्घाटन किया कि इन नेताओं ने कांग्रेस नीतियों के कारण नहीं छोड़ी, अपितु अपनी सुविधा एवं स्वार्थ अनुसार छोड़ी है।
उन्होंने सदन में विपक्ष के व्यवहार को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि वे रचनात्मक सुझाव देने का तैयार नहीं और न ही सत्ता पक्ष की ओर से जवाब सुनने को तैयार है। यहां तक की विधानसभा अध्यक्ष की कुर्सी का सम्मान भी नहीं करते।
हुड्डा ने कहा कि वर्तमान परिदृश्य में राजनीतिक जीवन में जवाबदेही, सदाचार तथा नैतिकता आदि पर चर्चा होनी थी परंतु मुख्य विपक्षी पार्टी इनेलो इसके लिए तैयार नहीं। वे बाहर झूठा प्रचार करते है और कहते है कि वे किसी भी मंच पर बहस करने को तैयार है। प्रजातंत्र प्रणाली में विधानसभा सदन से बेहतर कोई मंच नहीं होता, जहां पर सभी चुने हुए प्रतिनिधि मौजूद होते है। उन्होंने कहा कि विपक्ष पर तो ‘खिसियानी बिल्ली खम्बा नौंचे’ वाली कहावत चरितार्थ होती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि क्षेत्रवाद व भेदभाव के आरोप लगाने की बात बिल्कुल निराधार है। उन्होंने सदन में ग्रामीण विकास, शहरी स्थानीय निकाय, जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी, शिक्षा, स्वास्थ्य तथा मुख्यमंत्री की घोषणाओं के तथ्यात्मक आंकड़े प्रस्तुत किये। उन्होंने कहा कि ‘तथ्य ही सत्य होते हैं।’
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार अंबाला जिले में औद्योगिक मॉडल टाऊनशिप (आईएमटी) स्थापित करने को गंभीर है, बशर्तें कि उपयुक्त जमीन उपलब्ध हो। उन्होंने कहा कि अंबाला में आईएमटी समय की जरूरत है और इससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि यमुनानगर, हिसार व झज्जर जिलों में बिजली प्लांट स्थापित किये गये है, जबकि अंबाला में कोई बड़ी परियोजना नहीं है, इसलिए भी आईएमटी जरूरी है।