नंगल - कारगिल के द्रास सेक्टर में ड्यूटी निभाते शहीद हुए रामरतन का पैतृक गांव बानली ब्राह्मणा में पूरे सैनिक सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। डोगरा रेजिमेंट में हवलदार रामरतन की चिता को उनके आठ वर्षीय बेटे अभिषेक ने मुखाग्नि दी। गमगीन माहौल में हजारों की तादाद में क्षेत्रवासी रामरतन को श्रद्धासुमन अर्पित करने पहुंचे थे, जबकि अर्की के विधायक गोविंद शर्मा के अलावा इस दौरान प्रशासन की तरफ से एसडीएम नालागढ़ हरिकेश मीना, डीएसपी नालागढ़ खजाना राम व नायब तहसीलदार रामशहर धर्म सिंह सहित आर्मी के कर्नल बाली, कर्नल हरबंदा, मेजर नितिन आदि अधिकारियों व सेना के जवानों ने रामरतन को श्रद्धांजलि दी।
रामरतन की पार्थिव देह 12 बजे पैतृक गांव पहुंची। रामरतन की पत्नी निर्मला देवी, बेटी ज्योति शर्मा, काजल शर्मा रामरतन के पार्थिव शरीर को देखकर बेसुध हो गए। रामरतन के बच्चे रुंधे गले से पार्थिव शरीर से लिपटकर रो-रोकर पापा को लौट आने के लिए कह रहे थे। यह नजारा देख वहां मौजूद हर शख्स की आंखें नम हो गईं। हजारों लोगों ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। श्मशानघाट में तिल धरने की जगह नहीं थी। ग्राम पंचायत क्यार कनैतां के प्रधान बाबू राम पंवार ने सरकार से मांग की कि लोहारघाट स्कूल का नाम रामरतन के नाम पर रखा जाए तथा गांव में एक शहीदी स्मारक बनाया जाए। एसडीएम हरिकेश मीणा ने बताया कि नायब तहसीलदार रामशहर को स्मारक के लिए जमीन का चयन करने के निर्देश दे दिए हैं तथा किसी सरकारी संस्थान का नाम शहीद के नाम पर करने के लिए पंचायत द्वारा प्रस्ताव दिया जाएगा, जिसे आगामी कार्रवाई के लिए भेज दिया जाएगा।