कैथल - राष्ट्रीय राजमार्ग-65 के लिए किसानों की जमीन अधिग्रहण करने का मुद्दा प्रदेश सरकार के लिए जी का जंजाल बन गया है। तीतरम मोड़ पर जारी अनिश्चितकालीन धरने के मंगलवार को आठवें दिन को सरकार द्वारा लगाए गए चौथे दौर की वार्ता भी असफल हो गई। मंगलवार को तीतरम थाने के अन्दर पुलिस अधीक्षक कृष्ण मुरारी के द्वारा समिति के सदस्यों की बैठक लेकर पुराने फार्मूले पर समझौता करने की कहा। बैठक में सुरेश कोथ, कर्मवीर सेगा, सुलतान ग्योंग, रामफल कंडेला आदि शामिल थे। बैठक लगभग आधा घंटा चलती रही। पुलिस अधीक्षक मनाते रहे और समिति सदस्य इंकार करते रहे।
अंत में वार्ता विफल होने पर सभी उठ कर चलते बने। इतना ही नही धरने में कारवां बड़ता ही जा रहा है। आज किसान यूनियन के राष्ट्रीय सलाहकार अजीत सिंह हाबड़ी, कंडेला खाप के प्रधान रामफल कंडेला, प्रधान मास्टर शेर सिंह, मयड खाप के जोगिंद्र सिंह, आंगनबाड़ी वर्कर्ज की प्रधान शकुंतला देवी, सर्व कर्मचारी संघ के प्रधान जरनैल सिंह, बलबान, कृष्ण, महिंद्र, बलबीर खरड, किसान खेत मजदूर संघ के प्रधान बारु राम आदि सहित अनेक लोगों ने अपना समर्थन दिया। उक्त सभी लोगों ने बोलते हुए कहा कि यह लड़ाई सिर्फ यहां की नही है, बल्कि पूरे प्रदेश के किसानों की लड़ाई है। चाहे हम रहे या न रहे हमें इस की कोई परवाह नहीं।