धर्मशाला - पूर्व मंत्री रविंद्र रवि ने लोकसभा सांसद शांता कुमार के खिलाफ सीधा मोर्चा खोलते हुए उन पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। मंगलवार को धर्मशाला में पत्रकार वार्ता में रविंद्र रवि ने कहा कि शांता कुमार व्यापम की बात कर अपनों को घेरने की बजाय मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के खिलाफ चल रहे मामलों को उठाएं। उन्होंने सवाल उठाया कि वीरभद्र सिंह के खिलाफ चुप्पी साधकर शांता कुमार उनसे कौन सी दोस्ती निभा रहे हैं।
पिछले विधानसभा चुनावों में कांगड़ा जिला में टिकटों का आबंटन गलत न होता तो भाजपा सत्ता में होती। उन्होंने कहा कि पंजाब में प्रभारी रहते भाजपा अकाली गठबंधन सरकार को रिपीट करने का दम भरने वालों को यह ज्ञात होना चाहिए कि उनके प्रभारी बनने के बाद पंजाब की सीटों में पहले की अपेक्षा कमी आई थी। भले ही राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह भाजपा को देश की सबसे पार्टी बनाने और एकता के सूत्र में पिरोने के दावे धर्मशाला में कर गए हों, लेकिन हिमाचल में शांता व धूमल खेमों की खटास कम होती नहीं दिख रही। पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल के करीबी रविंद्र रवि ने मंगलवार को धर्मशाला में सांसद शांता कुमार पर सियासी हमला कर हिमाचल भाजपा में राजनीतिक उफान ला दिया है।
उन्होंने कहा कि शांता व्यापम की बात कर शिवराज चौहान, वसुंधरा राजे और सुषमा स्वराज पर सवाल उठा रहे हैं, लेकिन हिमाचल के मुख्यमंत्री के खिलाफ अढ़ाई साल में एक बार भी क्यों नहीं कुछ बोले। उन्होंने कहा कि बैजनाथ से नूरपुर तक कांगड़ा जिला को देखें तो मात्र भाजपा का एक ही विधायक है। विधानसभा चुनावों के समय यदि टिकटों का बंटवारा सही होता तो पार्टी सत्ता में होती। उन्होंने कहा कि राजनीति में जिद नहीं होनी चाहिए। दूसरों को संगठन में जाने की नसीहत देने वाले यदि इसे खुद पर इंप्लीमेंट करें तो अच्छा होगा।