हिसार 27 फरवरी - संविधान निर्माता डा. भीमराव अंबेडकर द्वारा दिए गए दलित समाज को आरक्षण का असर अब तबके पर साफ नजर आने लगा है जिसकी गवाह बनी शहर के मिलगेट क्षेत्र में मंगलवार रात्रि को हुई एक अनोखी शादी। बहुजन समाज पार्टी के हिसार के पूर्व जिला प्रधान पृथ्वी सिंह कत्याल जिनकी पुत्री पूनम जो एम.एस.सी. फोरेन्सिक हैं और जिनकी शादी बसपा नलवा के प्रभारी राजेश राठी से हुई।
राठी स्वयं स्नातकोत्तर शिक्षा प्राप्त हैं। दलित जोड़े की यह शादी बौद्ध रीति-रिवाज के साथ हुई जो क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गई। एक तरफ जहां हिसार क्षेत्र दलित व महिला उत्पीडऩ का मुख्य केंद्र बिंदू बन चुका है वहीं एक उच्च शिक्षा प्राप्त दलित दुल्हन द्वारा शादी की सभी तैयारियां व शादी मंडप आदि की व्यवस्था खुद करना महिलाओं के प्रति मानसिकता में बदलाव का प्रतीक है।
हिसार ही नहीं बल्कि पूरा देश महिला उत्पीडऩ से काफी दुखी व लज्जायुक्त है। वहीं पूनम कत्याल ने अपनी शादी समारोह की पूरी व्यवस्था खुद करके महिलाओं की मजबूती व स्वावलंबन की मिसाल पेश की है। वैसे तो क्षेत्र में इससे पूर्व भी कुछ शादियां बौद्ध रीति रिवाज से संपन्न हुई है लेकिन यह शादी अपने आपमें इसलिए अनोखी है कि यहां भगवान बुद्ध, संत शिरोमणि गुरु रविदास, संविधान निर्माता डा. बी.आर. अंबेडकर दुल्हन के दादा व दादी के चित्रों के अलावा मुख्य बसपा संस्थापक साहेब कांशीराम व बसपा सुप्रीमो मायावती के चित्र आकर्षण का केंद्र रहे।