चण्डीगढ़ : हरियाणा में कुण्डी कनैक्शनों को कम करने के लिए, उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम ने दिसम्बर, 2012 के दौरान 249 गांवों में खुले दरबार लगाकर मौके पर ही 3920 नए घरेलू कनैक्शन जारी किए ।
श्री दवेन्द्र सिंह, अध्यक्ष तथा प्रबंध निदेशक की अध्यक्षता में आज परिचालन समीक्षा समिति की बैठक मे यह समीक्षा हुई कि बिजली आपूर्ति की ज्यादातर शिकायतों का निवारण कर दिया गया । निगम ने शहरी तथा ग्रामीण क्षेत्रों में 1065 शिकायत केन्द्र स्थापित किए हैं । शिकायतों को उचित रूप से दूर करने के लिए 2642 नियमित तथा अनुबंध के आधर पर 910 कर्मचारी लगाए गए हैं ।
निगम ने गत 1 जनवरी, 2013 से चलाए जा रहे बिजली प्रणाली सुधर अभियान के अन्तर्गत 140 वार्डो, सैक्टरों तथा गांवों में सुधर कार्यो को भी पूरा कर लिया है । प्रणाली को सुदृढ़ करने के लिए अब तक 218 बिजली के खंभे लगाए गए, 18 नए वितरण ट्रांसफार्मर स्थापित किए गए तथा खराब तारों को बदला गया ।
श्री देवेन्द्र सिंह ने बैठक में यह भी कहा कि ख्ुले दरबार वहां लगाए जाने चाहिए जंहा स्टाफ सुधर संबंध्ति कार्य कर रहा है तथा इस कार्य में गांवों के सरपंच और पंचों को भी शामिल किया जाना चाहिए । यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि प्रत्येक घर में बिजली कनैक्शन हो। इसके साथ-साथ, चालू बकाया बिल माफी योजना के अन्तर्गत बकायादारों से अध्कि से अध्कि बकाया ध्नराशि वसूल करने के लिए भरसक प्रयत्न करने की आवश्यकता है ।
थर्मल प्लांटों से 10 कि.मी. के दायरे में गांवों को शहर की तर्ज पर बिजली देने की समीक्षा करते हुए यह पाया गया कि अब तक इसका लाभ यमुनानगर के 77 गांवों, झज्जर के 17 तथा पानीपत के 4 गांवों को हो चुका है । जिला झज्जर के 14 से अध्कि गांवों को शहर की तर्ज पर बिजली आपूर्ति के लिए दो नए 11 के.वी. फीडरों को स्थापित करने का कार्य प्रगति पर है । हानियों को कम करने तथा अधिक बिजली प्राप्त करने की योजना के तहत 33 गांवों की पंचायतों ने बिजली मीटरों को उनके घरों के परिसरों से बाहर स्थापित करने की सहमति दे दी है तथा प्रथम चरण में तकनीकी एवं वाणिज्यिक हानियों को कम करने की आवश्यकता है ।
श्री सिंह ने बताया कि एस.डी.ओ. स्तर के कर्मचारियों की कार्यकुशलता का मूल्यांकन करने के लिए तकनीकी एवं वाणिज्यिक मापदण्ड लागू किए गए है । वितरण कंपनियों ने अन्य कर्मचारियों को उनकी कार्यकुशलता का निर्धरण करने के लिए तथा उनको और अध्कि उत्तरदायी बनाने के लिए उनको जॉब कार्ड प्रदान करने की योजना भी बनाई है ।
बिजली चोरी के मामलों के संदर्भ में, सी.एम.डी. ने आगे बताया कि नहरी पानी तथा बिजली चोरी के मामलों को दर्ज करवाने के लिए स्थापित किए गए पुलिस केन्द्र/ केन्द्रों में एफ.आई.आरज. दर्ज करवानी चाहिए । यह सुनिश्चित करने के लिए संबंध्ति एस.डी.ओ. की जिम्मेवारी है कि मामला दर्ज करने के लिए सभी अपेक्षित दस्तावेज पुलिस अध्किरी के पास उपलब्ध करवाएं । बिजली अध्नियम, 2003 के प्रावधनों के अन्तर्गत बिजली चोरी के मामले इस संबंध में गठित किए गए विशेष न्यायलयों के समक्ष भी रखे जा सकते है ।
श्री देवेन्द्र सिंह ने गैर-घरेलू, एल.टी. औद्योगिक तथा एच.टी औद्योगिक कनैकशनों को यथाशीघ्र जारी करने के निर्देश दिए । उन्होंने अध्किरियों को यह भी कहा कि व वितरण ट्रांसफार्मरों की क्षतिदर को न्यून्तम स्तर पर लाने के सभी संभव प्रयत्न करें ।