फरीदाबाद - बुधवार को एक बार फिर अटाली गांव में हुए पथराव के बाद आज अल्पसंख्यक समुदाय के लगभग 3 दर्जन से अधिक परिवारों ने गांव से पलायन किया और अपने मकानों में ताले लगा महफूज स्थानों के लिए निकल गये। वहीं, दूसरे दिन भी बहुसंख्यक समुदाय की महिलाएं भजन-कीर्तन करने में व्यस्त नजर आयीं।
इस बारे में प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि ये लोग अस्थायी तौर पर गये हैं और शांति बहाल होने पर लौट आएंगे। प्रशासन की तरफ से चुप्पी यही बयां कर रही है कि एक समुदाय के लोग प्रशासन द्वारा दिये गये सुरक्षा के वाये से सन्तुष्ट नहीं हैं, हालांकि पुलिस की मौजूदगी में यहां अब शांति बनी हुई है।
गांव अटाली में मुश्किल से शांत हुई सांप्रदायिक तनाव की आग एक बार फिर सुलग उठी। बताया जाता है कि बुधवार दोपहर बाद किसी शरारती तत्व ने मंदिर पर धार्मिक आयोजन के समय महिलाओं पर पत्थर फेंक दिया। इसके बाद मामला भडक़ने पर दोनों ओर से एक-दूसरे पर पथराव शुरू हो गया। इस हमले में अल्पसंख्यक समुदाय के 6 लोगों के घायल हो गये। जबकि मंदिर पर भजन कर रही दो महिलाएं जख्मी हो गयीं। गांव में पथराव होने पर पुलिस ने मामले को बड़ी मुश्किल से काबू किया। गांव में दोबारा से फैले दंगे की वजह से अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों ने आज सुबह बैठक करने के बाद गांव से पलायन करना शुरू कर दिया। प्रशासन ने 28 दंगा पीड़ित परिवारों को मुआवजे के रूप में 27 लाख रुपये की राशि चेक के माध्यम से वितरित की थी। गांव में शांति बहाली के लिए अभी तक भारी संख्या में पुलिस बल तैनात है।