शिमला - प्रदेश स्वास्थ्य विभाग को राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के लिए 102 करोड़ की ग्रांट स्वीकृत हो गई है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने गुरुवार को पीटरहाफ में आयोजित स्वास्थ्य सचिवों के राष्ट्रीय सम्मेलन में हिमाचल एनआरएचएम को 102 करोड़ की ग्रांट जारी करने की घोषणा की। केंद्र को वर्ष 2015-16 के लिए 313 करोड़ का इंप्लीमेंटेशन प्रोग्राम भेजा गया था, लेकिन पहले चरण में केंद्र की ओर से 102 करोड़ की ही स्वीकृति प्रदान की गई है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने कहा कि अगर 102 करोड़ का पूरा उपयोग किया जाता है तो और ग्रांट जारी करने पर भी विचार-विमर्श किया जाएगा।
नड्डा ने कहा कि अब जो राज्य पिछली ग्रांट का फुल यूटीलाइजेशन सर्टिफिकेट नहीं देगा, उसको अगली ग्रांट जारी नहीं होगी। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम बनाना और उसके लिए फंड का प्रावधान करना केंद्र का काम है, लेकिन उस फंड का पूरा प्रयोग करना राज्यों के हाथ में है। तीन दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन में जगत प्रकाश नड्डा बतौर मुख्यातिथी पहुंचे थे। सम्मेलन में देश भर के स्वास्थ्य सचिव तीन दिन तक स्वास्थ्य के क्षेत्र में विभिन्न चुनौतियों पर चर्चा करेंगे। इस मौके पर जेपी नड्डा ने कौल सिंह की मौजूदगी में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत एक वेब पोर्टल ‘इनोवेशन पोर्टल’ एवं स्वास्थ्य सेवाओं पर एक ‘वायस पोर्टल’ का शुभारंभ किया। वायस पोर्टल के तहत कोई भी व्यक्ति 1800-180-1104 टोल फ्री नंबर डायल कर विभिन्न स्वास्थ्य संबंधी सूचनाएं प्राप्त कर सकता है। यह सुविधा हिंदी एवं अंग्रेजी के अलावा अन्य स्थानीय भाषाओं में भी उपलब्ध होगी।
इस मौके पर उन्होंने ‘कॉफी टेबल’ पुस्तिका का भी विमोचन किया। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार ने मिशन इंद्रधनुष के तहत देशभर में टीकाकरण अभियान को 65 प्रतिशत से बढ़ाकर 90 प्रतिशत करने का लक्ष्य रखा है। स्वास्थ्य मंत्री कौल सिंह ने कहा कि केलांग से ‘टेली मेडीसिन’ सेवाएं शुरू की गई हैं और 25 अन्य स्वास्थ्य संस्थानों में यह सेवाएं जल्द ही शुरू की जाएंगी। क्षेत्रीय अस्पताल मंडी एवं धर्मशाला में डायलासिस इकाइयां स्थापित की गई हैं और सोलन अस्पताल में भी शीघ्र ही यह सुविधा उपलब्ध करवाई जाएगी। इस दौरान भारत सरकार के अतिरिक्त सचिव एवं राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के निदेशक सीके मिश्रा, संयुक्त सचिव (योजना) मनोज झलानी, संयुक्त सचिव (आरसीएच) डा. राकेश कुमार ने भी विचार व्यक्त किए। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के राज्य निदेशक डा. एचआर शर्मा ने सभी का स्वागत किया, जबकि एनएचएसआरसी के कार्यकारी निदेशक डा. संजीव कुमार ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया।