ऊना - ऊना मुख्यालय से करीब 13 किलोमीटर दूर घंडावल गांव में बुधवार रात एक दुकान को विस्फोटक पदार्थ का इस्तेमाल कर उड़ा दिया गया। विस्फोट के चलते दुकान में रखे लाखों रुपए के सामान को भी नुकसान पहुंचा है। इस पूरी वारदात के पीछे दुकानदार व मालिक के मध्य दुकान खाली करवाने को लेकर झगड़े को मूल वजह माना जा रहा है। पीडि़त दुकानदार ने व्यावसायिक परिसर के मालिकों सहित चार लोगों पर दुकान को विस्फोटक से उड़ाने की शिकायत पुलिस को दी है।
आरएफएसएल धर्मशाला से फोरेंसिक विशेषज्ञों की दो सदस्यीय टीम ने घटनास्थल का दौरा कर साक्ष्य एकत्रित किए हैं। फोरेंसिक जांच में ही विस्फोट के लिए प्रयोग की गई सामग्री का पता लग पाएगा। हालांकि प्रारंभिक जांच में विस्फोट के लिए आईईडी के प्रयोग की संभावना व्यक्त की जा रही है। प्राप्त जानकारी के अनुसार बुधवार रात करीब तीन बजे धुस्साड़ा पुल के समीप स्थित व्यावसायिक परिसर में यह विस्फोट हुआ। दुकान के पास ही रहने वाले एक व्यक्ति से इस बारे में सूचना मिलते ही दुकान मालिकघंडावल निवासी अजय कुमार पुत्र कुंदन लाल ने ऊना सदर थाने में दुकान में विस्फोट की सूचना दी। अजय दुकान के असली मालिकों पर इस विस्फोट का आरोप लगाया है। पुलिस को दी शिकायत में अजय कुमार ने बताया कि वह 1994 से उक्त परिसर में किराना की दुकान कर रहा है। दुकान मालिक उसे कई बार दुकान खाली करने के लिए कह चुके हैं तथा उसके ऊपर अदालत में भी केस चला रखा है।
उसने बताया कि पहली जुलाई को वह शाम को अपनी दुकान बंद करके गया, लेकिन बुधवार मध्य रात्रि उसे पड़ोसी दुकानदार ने विस्फोट व दुकान में आग के बारे में सूचित किया। इस संबंध में एसपी ऊना अनुपम शर्मा ने कहा कि पुलिस ने भादस की धारा 435, 436, 120बी, 34 व विस्फोटक पदार्थ अधिनियम की धारा 3, 4 के तहत मामला दर्ज कर चार लोगों को हिरासत में लिया है। उन्होंने कहा कि फोरेंसिक विशेषज्ञों की टीम ने मौके से साक्ष्य जुटाए हैं। मामले की जांच की जा रही है। उधर, शिव सेना ने इस मामले में निष्पक्ष जांच की मांग की है। शिव सेना के पूर्व प्रदेश सचिव ठाकुर भाग सिंह ने कहा कि जिला में बढ़ रही चोरियों के बाद अब विस्फोट होने से लोगों के दिलों में दहशत बढ़ गई है। उन्होंने जिला प्रशासन से इस मामले की निष्पक्ष जांच करने की आवाज उठाई है। ठाकुर भाग सिंह ने कहा कि वह जल्द ही मामले की जांच के लिए डीसी ऊना को एक ज्ञापन भी सौंपेंगे।