लंदन -भारतीय मुक्केबाजी के इतिहास में सोमवार को उस समय एक नया अध्याय जुड़ गया, जब ओलंपिक कांस्य पदक विजेता मुक्केबाज विजेंदर सिंह प्रोफेशनल बन गए। अब इस बात पर भी मुहर लग गई कि अब वह भारत के लिए नहीं खेलेंगे। वर्ष 2008 के बीजिंग ओलंपिक में कांस्य पदक जीतकर इतिहास बनाने वाले विजेंदर ने आईओएस स्पोट्र्स एंड एंटरटेनमेंट के जरिए क्वींस बैरी प्रोमोशंस के साथ सोमवार को बहुवर्षीय प्रोमोशनल करार किया, जिसके तहत यह मिडलवेट मुक्केबाज अपने पहले वर्ष में कम से कम छह मुकाबले लड़ेगा।
हरियाणा के भिवानी के 29 वर्षीय विजेंदर का अब नया ठिकाना इंग्लैंड का मैनचेस्टर होगा, जहां वह जाने माने ट्रेनर ली बीयर्ड से प्रशिक्षण लेंगे, जो ब्रिटेन के मुक्केबाजी लीजेंड रिकी हैटन के साथ काम कर चुके हैं। विजेंदर ने 2006 और 2014 के राष्ट्रमंडल खेलों में रजत पदक, 2006 के एशियाई खेलों, 2008 के बीजिंग ओलंपिक, 2009 की विश्व एमच्योर चैंपियनशिप और 2010 के राष्ट्रमंडल खेलों में कांस्य जीता है। 2010 के एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीता है। वह 2009 में मिडलवेट वर्ग में विश्व के नंबर एक मुक्केबाज रहे थे।