शिमला - केंद्र सरकार ने शिमला को स्मार्ट सिटी व धर्मशाला को अमृत सिटी बनाने का रास्ता साफ कर दिया है। उच्च पदस्थ सूत्रों के मुताबिक मंगलवार को दिल्ली में हुई शहरी विकास मंत्रालय की बैठक के दौरान देश के 100 शहरों को स्मार्ट सिटी व 500 शहरों अमृत सिटी के रूप में विकसित करने का फैसला किया गया है। हिमाचल को भी इसके तहत ऐ स्मार्ट सिटी और ऐ अमृत सिटी की सौगात मिली है। शहरों के नाम का औपचारिक ऐलान 25-26 जून को होने वाली बैठक में हो सकता है, जिसमें प्रदेश के शहरी विकास मंत्री सुधीर शर्मा भी जा रहे हैं।
हालांकि मंगलवार को इन शहरों पर आधारित बैठक के दौरान इन नामों पर लगभग सहमति जता दी गई है। शिमला प्रदेश की राजधानी होने के नाते आबादी के संशोधित मापदंडों पर भी खरा उतरता है। मोदी सरकार ने 29 राज्यों के कैपिटल सिटीज को प्राथमिकता के तौर पर इस बड़े प्रोजेक्ट में शामिल करने को मंजूरी दी है, जबकि अन्य बड़े राज्यों के बड़े शहर भी इस प्रोजेक्ट में आएंगे। दूसरा प्रोजेक्ट जिसे अमृत का नाम दिया गया है, इसमें धर्मशाला का नाम शामिल है। अमृत यानी अटल मिशन फॉर रिजुविनेशन एंड अर्बन ट्रांसफोरमेशन। इसके तहत धर्मशाला में जहां यातायात दिक्कतों से निजात मिलेगी, वहीं स्मार्ट सिटी की ही तर्ज पर यहां तमाम बुनियादी सुविधाओं का मजबूतीकरण होगा।
दोनों ही प्रोजेक्ट्स के तहत चयनित शहरों में सौंदर्यीकरण योजनाएं चलाई जानी हैं, वहीं विभिन्न वर्गों के लिए अलग से सहूलियतें देना भी इस प्रोजेक्ट का मकसद बताया जाता है। शिमला व धर्मशाला भी प्रदेश के अन्य पर्यटन क्षेत्रों की ही तर्ज पर यातायात समस्या से जूझ रहे हैं। शहरी विकास विभाग के अधिकारियों के मुताबिक अब स्मार्ट सिटी व अमृत सिटी प्रोजेक्ट्स के तहत कमोवेश शिमला व धर्मशाला की ऐसी समस्याएं दूर हो सकती हैं। गौरतलब है कि मोदी सरकार ने देश में 100 शहरों को स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित करने की अपनी योजना को मूर्त रूप देने की दिशा में पहला कदम उठाते हुए मंगलवार को राज्यों को इनके मनोनयन के लिए शहरों का कोटा निर्धारित कर दिया, जिसमें उत्तर प्रदेश को सबसे अधिक 13, तमिलनाडु को 12 और महाराष्ट्र को 10 शहरों के नाम भेजने को कहा गया है। सूत्रों के अनुसार सरकार ने शहरी विकास से जुड़ी दूसरी महत्त्वाकांक्षी योजना अमृत के लिए भी राज्यों को शहरों का आबंटन कर दिया है।