मंडी - शनिवार को आईआईटी कमांद, मंडी में हुई हिंसा के बाद अब चार पुलिस कर्मियों को लापरवाही बरतने के आरोप में पुलिस प्रशासन ने निलंबित कर दिया है। निलंबित पुलिसकर्मियों में कमांद पुलिस चौकी प्रभारी एएसआई गोविंद राम, हैडकांस्टेबल हरि राम और दो कांस्टेबल नरोत्तम दास व रामदास शामिल हैं। इसके साथ दो पुलिसकर्मियों को एसपी ने लाइन हाजिर कर दिया है। इतना ही नहीं कमांद पुलिस चौकी के सारा स्टाफ भी विभाग ने बदल दिया है।
निलंबित किए गए व लाइन हाजिर किए गए दो कर्मियों के अलावा शेष सारे स्टाफ का तबादला कर दिया गया है। उनकी जगह नए स्टाफ की नियुक्ति की गई। हालांकि आईआईटी कमांद में हुई हिंसा को रोकने में कमांद पुलिस चौकी के उस समय तैनात पुलिस कर्मियों ने अहम भूमिका निभाई थी, लेकिन इसके बाद भी कमांद पुलिस चौकी के स्टाफ पर गाज गिरी है। इन पुलिस कर्मियों को शनिवार की हिंसा से पहले के सारे मामले को हल्के में लेने और लापरवाही बरतने के आरोप में निलंबित किया गया है। आईआईटी में 13 जून से हड़ताल चली हुई थी और मजदूरों पर गोलियां बरसाने के आरोपी पंजाबी युवक कई दिनों से कमांद पुलिस चौकी के पास गेस्ट हाउस में रह रहे थे। इसी के साथ कमांद पुलिस आईआईटी कैंपस में बढ़ रहे तनाव को भी नहीं भांप सकी थी।
यही वजह रही कि शनिवार को थोड़े से विवाद के बाद ही गोलियां चलीं और हिंसा फैल गई। उधर, जिला पुलिस अधीक्षक मंडी मोहित चावला का कहना है कि चौकी प्रभारी सहित तीन अन्य पुलिस कर्मियों को निलंबित किया गया है। पूरा स्टाफ भी बदल दिया गया है। इस मामले में एसआईटी जांच कर रह है। दो और लोगों के एसआईटी में शामिल किया गया है। उन्होंने कहा कि अभी तक एक पिस्टल सहित कुछ कारतूस बरामद हुए हैं। इसके अलावा कोई असलाह या बारूद नहीं मिला है।
फोरेंसिक टीम पूरे क्षेत्र का जायजा ले चुकी है। पीजीआई में दाखिल मजदूर को भी सुरक्षा उपलब्ध करवा दी गई है। उन्होंने बताया कि इस मामले में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। ठेकेदार की अगर गलती निकलती है तो उसे भी बख्शा नहीं जाएगा। यह भी एक संयोग की है कि कमांद चौकी का उद्घाटन इसी वर्ष 22 फरवरी को हुआ था और 22 जून को ही चौकी के सारे स्टाफ पर गाज गिर गई।