चण्डीगढ़, 21 फरवरी- हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री भूपेन्द्र सिंह हुड्डा ने कल हड़ताल के दौरान अम्बाला में एक हादसे में मारे गए चालक नरेन्द्र सिंह के परिजनों को 10 लाख रुपए की आर्थिक सहायता और मृतक की पुत्रवधू गुरप्रीत कौर को उसकी योग्यता के अनुसार सरकारी नौकरी देने की घोषणा की है।
अब चालक नरेन्द्र सिंह की मृत्यु के उपरांत उत्पन्न हुआ विवाद सुलझ गया है। इस समझौते के बाद पूरे मामले का पटाक्षेप हो गया है और सभी कर्मचारी अपनी डयूटी पर जाकर सेवाएं बहाल करने के लिए सहमत हो गए हैं।
यह जानकारी उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री रणदीप सिंह सुरजेवाला ने आज लोक निर्माण विभाग विश्राम गृह अम्बाला शहर में जिला प्रशासन, पुलिस अधिकारियों, कर्मचारी नेताओं और मृतक के परिजनों से लम्बी वार्तालाप करने के उपरांत पत्रकारों से बातचीत करते हुए दी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेन्द्र सिंह हुड्डा ने दुर्घटनावश हुई कर्मचारी नेता की मृत्यु पर शोक व्यक्त किया है और परिवार को सांत्वना संदेश भी भेजा है।
श्री सुरजेवाला ने कहा कि हड़ताल के दौरान इस तरह की दुर्घटना होने से कर्मचारी संघों व आम जनता में रोष उत्पन्न होना स्वाभाविक था लेकिन इस मामले का कोई सर्वमान्य हल बातचीत से ही सम्भव था। उन्होंने कहा कि मुश्किल की इस घड़ी में हरियाणा सरकार पूरी तरह पीडि़त परिवार के साथ है और समझौते के दौरान परिवार को आर्थिक सहायता देने और परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने जैसी मांगों को जल्द लागू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि 5 लाख रुपए की आर्थिक सहायता सरकार द्वारा तथा 5 लाख रुपए मुख्यमंत्री राहत कोष से प्रदान किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि मैजिस्ट्रेट जांच पूरी होने तक कर्मचारी नेताओं व कर्मचारियों पर दर्ज किए गए मुकदमों की कार्रवाई को आगे नही बढ़ाया जाएगा और जांच के बाद रिपोर्ट के आधार पर ही कोई आगामी कार्रवाई की जाएगी।