पंचकूला - हरियाणा के कई क्षेत्रों में तेज तूफान के कारण करनाल, गुडग़ांव, यमुनानगर तथा हिसार में शनिवार को विभिन्न प्रसारण लाइनों के ट्रिप होने तथा टावरों के क्षतिग्रस्त होने के कारण बिजली आपूर्ति प्रभावित रही। निगम के प्रवक्ता ने बताया कि करनाल क्षेत्र में भारी तूफान के कारण 220 केवी के पांच टावर क्षतिग्रस्त हुए तथा 220 केवी यूनिसपुर-वाईटीपीपी लाइन ट्रिप हो गई। इस लाइन ट्रिपिंग के कारण 132 केवी के सात सब-स्टेशन, इंद्री, अमीन, भादसों, नीलोखेड़ी, किरमिच, रंभा, बियाना और 220 केवी के दो सब-स्टेशन यूनिसपुर और करनाल प्रभावित हुए, जिसके कारण इन सब-स्टेशनों से जुड़े क्षेत्रों में बिजली सप्लाई आपूर्ति में बाधा पंहुची।
उन्होंने बताया कि खराब मौसम में ही एचवीपीएनएल स्टाफ तथा अधिकारियों द्वारा 54 किलोमीटर लंबी 220 केवी यूनिसपूर-वाईटीपीपी लाइन की गश्त की गई, ताकि बिजली सप्लाई फेल होने का मुख्य कारण पता किया जा सके। खराब मौसम के कारण अकेले करनाल क्षेत्र में निगम को तकरीबन 40 लाख का नुकसान हुआ । बिजली की इस मुख्य पावर लाइन के टूटने के बावजूद एचवीपीएनएल स्टाफ द्वारा पूरे क्षेत्र को बिजली आपूर्ति में बाधित होने से बचाया गया। उन्होंने बताया कि गुडग़ांव में भी तूफान के कारण धनौदा और दौलताबाद के बीच डबल सर्किट टावर लाइन की सिंगल सर्किट 400 केवी लाइन और दौलताबाद तथा मानेसर की 220 केवी लाइन प्रभावित हुई।
तूफान की तीव्रता कम होते ही मानेसर की प्रसारण लाइन से तुरंत बिजली सप्लाई बहाल कर दी गई और लगभग चार घंटे पेट्रोलिंग करने के बाद एचवीपीएनएल स्टाफ द्वारा 400 केवी लाइन की भी बिजली सप्लाई को बहाल कर दिया गया। तेज हवाओं के कारण यमुनानगर में सफेदे का भारी पेड़ 66 केवी की मुख्य बस-बार पर गिर गया। परिणामस्वरूप 66 केवी ब्रेकर के तीनों लिंब (कड़ी) टूट गई और उससे जुड़े अन्य सहायक उपकरण भी खराब हो गए।
एचवीपीएनएल स्टाफ द्वारा तुरंत कार्रवाई करते हुए एक घंटे के अंदर-अंदर बस-बार की जरूरी मरम्मत करने के बाद 220 केवी जोरियां सब-स्टेशन के द्वारा बिजली सप्लाई बहाल कर दी गई। उन्होंने बताया कि हिसार क्षेत्र में तेज हवाओं के चलते 400 केवी किरोड़ी-खेदड़ लाइन, 220 केवी किरोड़ी-समैण और 220 केवी समैण-मसूदपुर लाइन प्रभावित हुई। स्टाफ द्वारा तुरंत कार्रवाई करते हुए चंद घंटों में बिजली सप्लाई को बहाल कर दिया गया।