अंबाला - स्वच्छ भारत मिशन के तहत निर्मल ग्राम घोषित की जाने वाली ग्राम पंचायत को पांच लाख रुपए तक का नगद इनाम देने का प्रावधान किया गया है। इस राशि को ग्राम पंचायत अपनी इच्छा से गांव के विकास कार्यों पर खर्च कर सकती है। अतिरिक्त उपायुक्त ऑरबिंद्र शर्मा ने बताया कि इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में आम आदमी के जीवन स्तर पर सुधार लाने, स्वच्छता को और व्यापक बनाने की गतिविधियां चलाने तथा जन जागरूकता और स्वास्थ्य शिक्षा के माध्यम से स्वच्छतागत सुविधाओं के लिए मांग पैदा करना, गांवों को खुले में शौच से मुक्त करना और विद्यार्थियों को स्कूल व आंगनबाड़ी स्तर पर शौचालय प्रयोग करने के लिए प्रेरित करना।
उन्होंने बताया कि गांव में व्यक्तिगत शौचालय के निर्माण के लिए भी सरकार ने राशि में वृद्घि की है। पहले शौचालय के निर्माण के लिए 4600 रुपए की अनुदान राशि का प्रावधान है, जिसे दो अक्तूबर, 2014 से बढ़ाकर 12000 रुपए कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि निर्मल ग्राम पुरस्कार योजना के तहत 10000 या इससे अधिक की जनसंख्या वाले गांवो को पांच लाख रुपए, 5000 से लेकर 10 हजार की आबादी वाले गांवों के लिए चार लाख रुपए, 2000 से लेकर 5000 हजार की आबादी वाले गांवों के लिए दो लाख रुपए, 1000 से 2000 तक की आबादी के गांवों के लिए एक लाख रुपए और 1000 से कम जनसंख्या वाले गांवों की ग्राम पंचायत के लिए 50 हजार रुपए के नगद पुरस्कार का प्रावधान किया गया है। श्री शर्मा ने बताया कि इस योजना के तहत जिला में 10.61 करोड़ रुपए की राशि प्राप्त हुई है, जिसमें से 7.38 करोड़ रुपए केंद्र सरकार से और 3.23 करोड़ रुपए राज्य सरकार द्वारा उपलब्ध करवाए गए हैं।
उन्होंने बताया कि इस राशि से गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले व अन्य गरीब परिवारों के घरों में गत वर्ष 6327 व्यक्तिगत शौचालयों का निर्माण किया गया है और इस कार्य पर दो करोड़ 91 लाख रुपए की राशि खर्च की गई है। इसी प्रकार जिला में 10 सामुदायिक शौचालयों का निर्माण किया जाना है जिनमें से छह का कार्य प्रगति पर है। इस कार्य के लिए 18 लाख रुपए की राशि का प्रावधान है। इसके अतिरिक्त गत वर्ष के दौरान स्कूलों में 132 शौचालयों का निर्माण किया गया है और इस पर 46 लाख 20 हजार रुपए की राशि खर्च की गई है। उन्होंने बताया कि जिला की 75 आंगनबाडिय़ों में छह लाख रुपए की लागत से शौचालय बनाए गए हैं और 13 गांवों में ठोस कूड़ा प्रबंधन की परियोजनाओं पर एक करोड़ 39 लाख 68 हजार रुपए की राशि खर्च की गई है।