मनाली - हिमाचल हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश मंसूर अहमद मीर ने कहा कि देश में 50 लाख से ज्यादा हेरोइन के आदी हैं। उन्होंने नशीले पदार्थों के पूर्ण उन्मूलन की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि भारत में युवा पीढ़ी में नशीली दवाइयों का चलन एक महामारी का रूप ले रहा है। राज्य विधिक सेवाएं प्राधिकरण द्वारा आयोजित ‘भारत में नशाखोरी, समीक्षा, चुनौतियां और समाधान’ विषय पर आयोजित तीन दिवसीय विधिक अधिवेशन में उन्होंने कहा कि बढ़ते आर्थिक दबाव और परिवारों के बिखराव के कारण नशाखोरी का चलन बढ़ा है।
वैश्विक आंकड़ों पर नजर दौड़ाएं तो यह तस्वीर और भी धुंधली नजर आती है। वर्तमान में नशे का अवैध व्यापार 500 बिलियन डॉलर का आंकड़ा पार कर चुका है, जो पैट्रोलियम एवं हथियारों के व्यापार के बाद यह दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा धंधा है। भारत में इस समय करीब 10 लाख युवा हेरोइन की चपेट में हैं और गैर आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार यह संख्या 50 लाख के करीब है। औषधीय उत्पादनों में नशीली दवाओं के दुरुपयोग के मामले बढ़े हैं।