शिमला - पर्यटन नगरी व हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला को कूड़ा-करकट डालकर गंदा करना अब किसी भी स्थानीय व बाहरी लोगों के लिए आसान नहीं होगा। खासकर शिमला घूमने आने वाले पर्यटक यदि शहर के दिल कहे जाने वाले रिज और मालरोड पर कूड़ा-करकट फैलाते हैं तो उन्हें ऐसा करना महंगा पड़ेगा। शहर में पर्यटकों द्वारा फैलाए जाने वाले कूड़े-कचड़े की समस्या से निजात पाने के लिए अब खासकर रिज और मालरोड के आसपास सफाई कार्य में जुटे कर्मचारी ही कूड़ा-करकट डालने वालों का मौके पर ही चालान कर सकेंगे और इसका विरोध करने वालों को कानूनी प्रक्रिया से भी गुजरना पड़ सकता है।
नगर निगम शिमला ने रिज और मालरोड पर सफाई कार्य के लिए तैनात कर्मचारियों को कूड़ा करकट फैलाने वालों का चालान करने की शक्तियां दे दी है। इन शक्तियों के तहत किसी भी कूड़ा करकट फैलाने वाले व्यक्ति का ये कर्मचारी अधिकतम पांच सौ रुपए तक का मौके पर ही चालान कर सकेंगे। नगर निगम शिमला के उपमहापौर टिकेंद्र पंवर के मुताबिक फिलहाल ये अभियान रिज और मालरोड पर ही चलाया जाएगा तथा इसके सफल रहने पर इसे शहर के सभी 25 वार्डों में लागू किया जाएगा। खासकर पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र मालरोड, रिज और आसपास के इलाकों में पर्यटकों तथा स्थानीय लोगों दोनों द्वारा ही कूड़ा करकट फैलाने की घटनाएं हर रोज नगर निगम के पास रिपोर्ट हो रही हैं।
इसी के चलते निगम ने ये पहल आरंभ की है। इसके साथ-साथ अब शिमला शहर के स्कूली बच्चे भी ऐसा करने वालों को सीटी बजाकर न केवल शर्मिंदा करेंगे बल्कि कूड़ा करकट फैलाने वालों को भी उसे उठाने को कहकर डस्टबिन में भी डलवाएंगे। इसके लिए आज से शहर में नगर निगम शिमला की ग्रीन फोर्स ने काम करना आरंभ कर दिया है। इस ग्रीन फोर्स में शहर के स्कूली बच्चों को बारी-बारी से जोड़ा जा रहा है।