चंडीगढ़, 19 फरवरी - हरियाणा में प्रसव पूर्व निदान तकनीक अधिनियम (पीएनडीटी एक्ट) के तहत अब आईवीएफ सेंटरों तथा एमआरआई मशीनों का पंजीकरण भी किया जायेगा। अब तक अधिनियम के तहत केवल अल्ट्रासाउंड मशीनों एवं केन्द्रों का ही पंजीकरण किया जाता रहा है। स्वास्थ्य मंत्री राव नरेन्द्र सिंह ने बताया कि प्रदेश में आईवीएफ सेंटरों को पंजीकरण के लिए सूचित किया जा रहा है और इस संबंध में दिशा-निर्देश भी जारी किये गये हैं। आईवीएफ सैंटर पर कृत्रिम रूप से गर्भाधान किया जाता है।
उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने पीएनडीटी अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन तथा महिला सशक्तिकरण की दिशा में कई ठोस कदम उठाये है और सरकारी योजनाओं एवं कार्यक्रमों के फलस्वरूप ही 2011 की जनगणना के आधार पर प्रदेश में लिंगानुपात 1000 लड़कों के पीछे 830 लड़कियों से बढ़कर 850 हो गया है।