पिंजौर - केन्द्र सरकार के सार्वजनिक उपक्रम एचएमटी पिंजौर यूनिट के हजारों कर्मचारियों को गत 10 माह की सेलरी न मिलने के बाद अब कर्मचारियों के सब्र का बांध टूटने लगा है। कर्मचारी कर्जे में डूबने के बाद अब भुखमरी के कगार पर पंहुच चुके हैं। यदि इस दौरान किसी कर्मचारी या उसके परिवार के साथ कुछ अनहोनी होती है तो उसकी जिम्मेवार एचएमटी मैनेजमेंट और सरकार पर होगी।
यह चेतावनी मंगलवार को एचएमटी कार्मिक संघ प्रधान दीवान चंद, महासचिव पुष्पिन्द्र शर्मा ने विधायक लतिका शर्मा को अपनी समस्याएं बताने के दौरान दी। दीवान चंद ने कहा कि कर्मचारियों ने अपने गहने बेचकर, बीमा पॉलिसी तुड़वाकर, अन्य फंड आदि खर्च कर कर्जे भी ले रखे हैं और अब आलम यह है कि कोई भी कर्मचारियों को और कर्जा देने से कतराने लगा है। कर्मचारी अपने बच्चों को स्कूल, कपड़ों सहित अन्य खर्चा नहीं दे पा रहे हैं।