चंडीगढ़ - हरियाणा पुलिस ने चूरा-पोस्त व अन्य मादक पदार्थों की तस्करी करने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश करते हुए कुरूक्षेत्र के मुस्तजापुर गांव के निकट चुनियाफार्म की एक कोठी से 487 बोरियों में 18 हजार 928 किलोग्राम चूरा पोस्त बरामद किया है। मार्केट में इसकी कीमत दो करोड़ रुपए आंकी गई है। पुलिस ने इस जगह से 315 व 12 बोर की दो देसी पिस्तौल, 315 बोर के सात जिंदा कारतूस सहित कुल 21 कारतूस, वेइंग मशीन, 2.2 किलो के नए बड़ी संख्या में पैकेट, 40 किलो की नई बोरियां व अन्य पैकिंग मैटिरियल, मोबाइल फोन, सिम कार्ड, पंजाब व हरियाणा की पांच वाहन नंबर प्लेट बरामद किए हैं।
यह गिरोह हरियाणा के अलावा पंजाब व आसपास के राज्यों में नशे का कारोबार चला रहा था। पुलिस अधीक्षक सिमरदीप सिंह ने बताया कि पुलिस ने गिरोह के सरगना के साथ-साथ उसके साथियों की पहचान कर ली है, जिनको गिरफ्तार करने के लिए सीआईए की टीमों ने एक साथ करीब सात जगहों पर छापामारी की है। छापामारी के दौरान पुलिस को कई अहम सुराग हाथ लगे हैं, जो इस गिरोह से जुड़े हर व्यक्ति तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाएंगे। उन्होंने संभावना जताते हुए कहा कि पंजाब के पातड़ा निवासी रिछपाल सिंह ने पिहोवा में केवल मात्र तस्करी के उद्देश्य से ही डेढ़ साल पहले चुनिया फार्म के पास यह कोठी खरीदी होगी। करीब डेढ साल से ही पिहोवा से हरियाणा व आसपास के राज्यों में मादक पदार्थों की तस्करी की जा रही थी।
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि इस गिरोह में दो या तीन लोग नहीं, बल्कि कई लोगों के शामिल होने की संभावना है। इस जगह से पैकिंग मैटीरियल, बोरियां, नापतोल करने वाली मशीन व अन्य सामग्री से यह अनुमान लगाया जा सकता है कि इस कोठी से कई राज्यों के तस्करों के तार जुड़े हुए हैं। उन्होंने कहा कि वाहनों की जो पांच नंबर प्लेट मिली हैं, उसकी जांच की जा रही है। संभावना व्यक्त की जा रही है कि पांचों नंबर प्लेट पर अंकित नंबर फर्जी हैं। छापामारी के दौरान मिली लाल बत्ती से यह अनुमान लगाया जा रहा है कि तस्कर पुलिस को धोखा देने के उद्देश्य से ही इसका प्रयोग कर रहे थे।