अंबाला - विधायक असीम गोयल ने कहा कि 14 फरवरी को प्रदेश में बेटी पूजन दिवस मनाने के लिए मुख्यमंत्री मनोहर लाल से विशेष मांग करेंगे। उन्होंने कहा कि ऐसा करके न केवल समाज में बेटियों को उचित सम्मान मिलेगा, बल्कि कन्या भू्रण हत्या जैसी बुराई के विरुद्ध जनमत तैयार करने में भी सहयोग मिलेगा। उन्होंने कहा कि युवा वर्ग 14 फरवरी को पश्चमी संस्कृति के रूप में मनाने लगा है और इस दिन को बेटी पूजन के साथ जोडक़र भारतीय संस्कृति को बढ़ावा दिया जा सकता है।
श्री गोयल सोमवार को सूचना, जन संपर्क एवं सांस्कृतिक कार्य विभाग द्वारा एमडीएसडी कन्या महाविद्यालय अंबाला शहर में आयोजित तहसील स्तरीय सांस्कृतिक कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में शामिल प्रतिभागियों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि भारत जैसी संस्कृति जहां महिलाओं को दुर्गा, सरस्वती व लक्ष्मी के रूप में पूजा जाता है, वहां कन्या भू्रण हत्या जैसी बुराई के लिए कोई स्थान नहीं होना चाहिए। उन्होंने अंबाला शहर विधानसभा क्षेत्र में ऐसी ग्राम पंचायतों के लिए दस लाख रुपए के विशेष अनुदान की घोषणा भी की जो अपने गांव में महिला पुरुष अनुपात को बराबरी पर लाएंगे।
उन्होंने समाज में कन्या भू्रण हत्या के विरुद्ध जनमत तैयार करने और हरियाणा की मूल संस्कृति को प्रोत्साहित करने के लिए सूचना एवं जन संपर्क विभाग द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना भी की। इन कार्यक्रमों के माध्यम से जहां युवा पीढ़ी को अपनी संस्कृति के बारे में जानकारी मिलेगी, वहीं सरकार की जनहितैषी योजनाओं के बारे में भी पता चलेगा। लोक कलाकारों ने हरियाणावी संस्कृति की मचाई धूम, कन्या भू्रण हत्या का संदेश भी प्रभावी तरीके से प्रस्तुत किया। कार्यक्रम का शुभारंभ विधायक असीम गोयल ने दीप प्रज्वलित कर किया। कार्यक्रम का प्रारंभ कलाकारों द्वारा वंदे मातरम गीत से किया गया।
अंकित एंड ग्रुप द्वारा बालिकाओं को समर्पित ओ री चरीया गीत पर अपनी प्रस्तुति दी गई। इसके उपरांत कलाकार कृष्ण पाल ने हरियाणवी रागिनी से कन्या भू्रण हत्या रोकने और इस अपराध से गर्भ में पल रही कन्याओं पर हो रहे अत्याचार की मार्मिक प्रस्तुति दी। इस अवसर पर सूचना जन संपर्क एवं सांस्कृतिक कार्य विभाग के संयुक्त निदेशक डा. कुलदीप सैणी ने मुख्यातिथि व अन्य गणमान्य व्यक्तियों का स्वागत करते हुए कहा कि माननीय मुख्यमंत्री महोदय के निर्देशानुसार हरियाणवी संस्कृति को प्रदेश में पुन: पद स्थापित करने हेतु खंड स्तर से लेकर राज्य स्तर तक भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम के आयोजन किए जा रहे हैं।