चण्डीगढ़, 19 फरवरी- हरियाणा पुलिस ने नकली डॉक्टर बनकर पैसा एठनें वाले गिरोह का करनाल में पर्दाफाश किया है। इस गिरोह के दो सदस्य पट्टी कलियाना निवासी प्रदीप और डिकाडला जिला पानीपत निवासी रोहताश इंडिगो सीएस गाड़ी पर नीली बती लगाकर और गाड़ी के आगे-पीछे हरियाणा सरकार लिखवाकर क्लीनिकों में जाते थे और वहां स्वयं को पंचकूला/चंडीगढ़ में नियुक्त उप-निदेशक बताकर उनसे पैसे एंठते थे। यह गिरोह जिस डिग्री को लेकर वारदातें कर रहे थे वह इन्होंने करनाल के एक क्लीनिक से धोखे से ली थी। इन्होंने जनवरी व फरवरी, 2013 तक जिला करनाल के क्षेत्र में 7 वारदातों को अंजाम देना स्वीकार किया है।
पुलिस ने गुप्त सूत्रों की सहायता से इस गिरोह के मास्टर माइंड प्रदीप 18 जनवरी, 2013 को निर्मल कुटिया चौक, करनाल से गिरफ्तार किया। आरोपी को अदालत में पेश कर एक दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया। रिमांड के दौरान आरोपी प्रदीप की निशानदेही पर वारदातों में प्रयुक्त गाड़ी व डॉक्टर की डिग्री जो उन्होंने धोखे से ली थी बरामद की गई। गिरोह के दूसरे व अन्तिम सदस्य रोहताश को 4 फरवरी को आईटीआई चौक, करनाल से पकड़ा गया और उससे वारदात में प्रयोग की गई नीली बत्ती वाली गाड़ी बरामद की गई।