शिमला - हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में बीती रात एसएफआई और विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं में फिर खूनी संघर्ष हुआ। समर हिल चौक पर एसएफआई व विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ता रात के लगभग बारह बजे आपस में भिड़ गए। इस भिड़ंत में एसएफआई का एक कार्यकर्ता जीता सिंह नेगी बुरी तरह से घायल हो गया। जीता सिंह को आईजीएमसी शिमला में उपचार के लिए भर्ती कराया गया है। उसकी एक बाजू कई जगह से टूट गई है।
इस घटना को लेकर पुलिस में क्रॉस एफआईआर दर्ज की गई है। एसएफआई ने विद्यार्थी परिषद के आठ कार्यकर्ताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। ये एफआईआर आईपीसी की धारा 147, 148, 149, 362 और 506 के तहत दर्ज की गई है। विद्यार्थी परिषद ने एसएफआई के नौ लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है। ये प्राथमिकी आईपीसी की धारा 147, 148, 149, 341 और 323 के तहत दर्ज की गई है।
शिमला के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक भजन देवी नेगी के मुताबिक पुलिस मामले की जांच कर रही है। अभी तक इस मामले पर कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है। इस बीच किन्नौर छात्र कल्याण संघ ने इस घटना के विरोध में आज विश्वविद्यालय में प्रदर्शन किया। संघ के अध्यक्ष किशोर नेगी और सचिव रोशन नेगी ने इस घटना के आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार करने की मांग की। संगठन ने इस घटना की निंदा भी की है। एसएफआई ने भी इस घटना की निंदा करते हुए आरोप लगाया है कि विद्यार्थी परिषद पिछले काफी समय से बाहरी तत्वों को कैंपस में लाकर माहौल खराब करने की कोशिश कर रही थी।
संगठन ने कहा कि इसकी सूचना पुलिस प्रशासन और विश्वविद्यालय प्रशासन को दे दी गई थी लेकिन किसी ने भी कोई कार्रवाई नहीं की। एसएफआई ने चेतावनी दी है कि यदि आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार नहीं किया गया तो संगठन प्रशासन के खिलाफ उग्र आंदोलन करेगी। एसएफआई ने विद्यार्थी परिषद को हिंसावादी संगठन करार देते हुए उस पर प्रतिबंध की भी मांग की है। कांग्रेस के पौध संगठन एनएसयूआई ने भी इस घटना की निंदा की है।