शिमला - विरोध के बीच प्रदेश कांग्रेस ने नए संगठनात्मक जिलों के कार्यकारी अध्यक्षों की घोषणा कर दी है। कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी से अनुमति मिलने के बाद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने नये संगठनात्मक जिलों की घोषणा कर दी है। पार्टी के मुख्य प्रवक्ता नरेश चौहान ने शिमला में जानकारी देते बताया कि नए जिलों के गठन के बारे में जानकारी दी।
मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने सार्वजनिक तौर पर नए संगठनात्मक जिलों का विरोध किया है। उनका तर्क है कि पार्टी की ओर से बनने वाले नए संगठनात्मक जिले ही देर-सवेर प्रदेश सरकार के लिए गले की फांस बन सकते हैं क्योंकि इन्हीं जिलों की तर्ज पर न केवल विपक्षी राजनीतिक दल बल्कि कांग्रेस के नेता भी नए जिलों के गठन की मांग कर सकते हैं।
मुख्य प्रवक्ता ने कहा कि प्रदेश में सबसे बड़े जिला में कांगड़ा शुमार है। यहां पर विधानसभा की सबसे अधिक 15 सीटें हैं। कांग्रेस का अभी तक पूरे जिला का एक अध्यक्ष था। ऐसे में इतने बड़े जिला के अंतर्गत प्रभावी तरीके से पार्टी की गतिविधियां सुचारू रूप से चलाने में दिक्कते आ रही थी। उन्होंने कहा कि इसी तरह कांगड़ा जिला के बाद मंडी जिला में सबसे अधिक 10 विधानसभा क्षेत्र है। यहां भी पार्टी को कांगड़ा की तरह पार्टी को संगठनात्मक गतिविधियों को धरातल तक पहुंचाने में कई दिक्कतों का सामना करना पड रहा था। उन्होंने कहा कि नए संगठनात्मक जिलों की पूरी कार्यकारणी का गठन दो सप्ताह के भीतर पूरा कर लिया जाएगा। इस अवसर पर प्रदेश कांग्रेस के महासचिव हरभजन सिंह और प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता संजय सिंह चौहान भी मौजूद रहे।