चण्डीगढ़ - हरियाणा भवन एवं अन्य निर्माण श्रमिक कल्याण बोर्ड ने प्रदेश में क्रियान्वित की जा रही वर्तमान कल्याणकारी योजनाओं में और अधिक लाभपात्रों को शामिल करने के लिए विशेष पंजीकरण अभियान शुरू किया हैं ताकि उन्हें इन योजनाओं का लाभ प्रदान किया जा सकें। बोर्ड के एक प्रवक्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि अभियान 16 मई को आरम्भ हुआ और 15 जून, 2015 तक जारी रहेगा।
उन्होंने बताया कि बोर्ड द्वारा 22 कल्याणकारी योजनाएं चलाई जा रही हैं। सभी पंजीकृत लाभपात्र 51 हजार रुपये की कन्यादान राशि का लाभ उठाने और तीन हजार से लेकर 15 हजार रुपये वार्षिक तक की छात्रवृत्ति के पात्र होंगे। वृद्घावस्था पेंशन के अलावा, एक हजार रुपये की मासिक पेंशन का लाभ भी ले सकेंगे। दुर्घटना में मृत्यु होने की स्थिति में श्रमिक के निकट सम्बन्धी को पांच लाख रुपये तथा विकलांगता की स्थित में दो लाख रुपये तक की वित्तीय सहायता दी जाएगी।
उन्हें साईकिल और औजारों की खरीद के लिए भी तीन हजार रुपये तथा 5,100 रुपये की राशि प्राप्त होगी। श्रमिकों के अक्षम बच्चों को दो हजार रुपये प्रतिमास की राशि भी प्राप्त होगी। प्रवक्ता ने बताया कि अन्य लाभों में 36 हजार रुपये का प्रसूति लाभ, महिला श्रमिकों को साड़ी, जूत, इत्यादि जैसी घरेलू वस्तुओं की खरीद के लिए 5,100 रुपये की वार्षिक सहायता और मकान खरीद के लिए 1.50 लाख रुपये की ब्याज रहित राशि शामिल है।
इसी प्रकार, अन्य लाभों में 500 रुपये प्रतिमाह की परिवारिक पैंशन,सिलाई मशीन योजना के अन्तर्गत 3500 रुपये, अवकाश रियायती यात्रा, बेटे के विवाह पर 11,000 रुपये की वित्तीय सहायता, स्वास्थ्य बीमा योजना इत्यादि के अन्तर्गत 30,000 रुपये तक निशुल्क उपचार देना शामिल है। उन्होंने बताया कि बोर्ड की कल्याणकारी सुविधाओं का विस्तार मनरेगा श्रमिकों तक करने का निर्णय लिया गया है।
अब वे भी इन योजनाओं का लाभ उठा सकेंगे। बेटी बचाओ, बेटी पढाओ अभियान के रूप में राज्य सरकार ने बोर्ड की कल्याणकारी सुविधाओं का विस्तार करके अब श्रमिकों को तीन लड़कियों तक लाभ दिया जाएगा। इससे पूर्व केवल दो लड़कियों तक लाभ दिया जाता था। इन सुविधाओं में प्रसूति लाभ, कन्यादान और शिक्षा के लिए छात्रवृत्ति शामिल हैं। पात्रता मानदण्ड़ों की विस्तृत जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि 18 से 60 वर्ष के बीच की आयु समूह के लोग जिन्हें अन्य कल्याण बोर्ड के तहत पंजीकृत नहीं किया गया है उन्हें पिछले 12 महिनों के दौरान निर्माण श्रमिकों के रूप में 90 दिनों तक या इससे अधिक दिनों तक कार्य किया है तो वह पंजीकरण के लिए पात्र होंगे।