शिमला - गर्मियों की आहट भर से ही हिमाचल प्रदेश की राजधानी एवं पर्यटन नगरी शिमला में पानी के लिए त्राहिमाम आरंभ हो गया है। हालत यह है कि शहर के न्यू शिमला, बीसीएस, खलीनी, विकासनगर, कुसुम्पटी, पंथाघाटी, मैहली, ब्रॉकहॉस्ट और आसपास के क्षेत्रों के लोगों को पिछले तीन दिनों से पानी की बूंद भी नसीब नहीं हुई है। ऐसे में नहाना-धोना तो दूर की बात लोगों को खाने-पीने के लिए भी पानी नसीब नहीं हो रहा है।
नगर निगम शिमला के उपमहापौर टिकेंद्र पंवर का कहना है कि इन दिनों शहर में पेयजल आपूर्ति पर भारी दबाव है क्योंकि स्थानीय लोगों की जहां पानी की खपत बढ़ी है वहीं शहर में भारी संख्या में पहुंच रहे पर्यटकों के कारण भी पानी की मांग चरम पर है। इसके अलावा नगर निगम बीमारियों से बचाव को ध्यान में रखते हुए अश्विनी खड्ड पेयजल योजना की सफाई भी कर रहा है। उनका कहना है कि ये काम जल्दी ही पूरा कर लिया जाएगा।
जानकारी के मुताबिक अश्विनी खड्ड पेयजल योजना के राइजिंग मेन में दोची के पास रिसाव हो गया है। इसके चलते पानी की पंपिंग बंद हो गई है और इस पेयजल योजना से पानी हासिल करने वाले छोटा शिमला, कुसुम्पटी, विकासनगर, बीसीएस और न्यू शिमला के क्षेत्रों में तीन दिनों से पानी की आपूर्ति नहीं हुई है। यही नहीं नगर निगम के पास अब पेयजल संकट ग्रस्त क्षेत्रों में लोगों को पानी उपलब्ध करवाने के लिए टैंकर भी नहीं बचे हैं। ऐसे में लोग अब रामभरोसे हो गए हैं तथा उन्हें बाजार से मिनरल वाटर खरीद कर काम चलाना पड़ रहा है।