धर्मशाला - जिला मुख्यालय धर्मशाला व कांगड़ा शहर में जल्द ही पेयजल की कमी दूर होगी। सिंचाई एवं जनस्वास्थ्य विभाग ने इसके लिए 40 वर्ष की विशेष योजना तैयार कर उस पर काम शुरू कर दिया है। योजना के तहत बड़े सोर्स से पानी उठाया जाएगा, जो संचालित पेयजल सप्लाई के माध्यम से ही उपलब्ध होगा। जहां धर्मशाला में योजना के तहत करीब 29 करोड़ से ज्यादा बजट खर्च किया जा रहा है, तो कांगड़ा शहर के लिए भी करीब 17.42 करोड़ के बजट का प्रावधान है।
धर्मशाला के लिए गज खड्ड जबकि कांगड़ा के लिए बनेर खड्ड से पानी उठाए जाने की योजना है। योजना को लेकर सिंचाई एवं जनस्वास्थ्य विभाग की ओर पेयजल पाइपों को डालने सहित भंडारण टैंक के निर्माण युद्धस्तर पर जारी है और अगले वर्ष नवंबर से पहले इन योजनाओं को जनता को समर्पित किए जाने की योजना है। यही नहीं नगरोटा बगवां के लिए 11.1 करोड़ रुपये की योजना शामिल किया गई है और नगरोटा बगवां में भी उपरोक्त समय में ही जनता को योजना समर्पित की जाएगी।
पुराने पेयजल स्त्रोतों से पानी की कमी के चलते यह नया मसौदा सिंचाई एवं जनस्वास्थ्य विभाग ने तैयार किया है। इस योजना की विशेषता यह है कि जिस बड़े सोर्स से सिंचाई एवं जनस्वास्थ्य विभाग पानी उठाने जा रहा है, वहां ट्रीटमेंट प्लांट भी लगाए जाएंगे ताकि शुद्ध जल जनता को मिल सके। उधर, सिंचाई एवं जनस्वास्थ्य विभाग के कांगड़ा जोन के मुख्य अभियंता अनिल बाहरी के मुताबिक धर्मशाला व कांगड़ा शहरों में भविष्य के 40 साल की योजना तैयार की गई है, ताकि पानी की कोई कमी न रहे। योजना पर करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं। धर्मशाला, कांगड़ा व नगरोटा बगवां में युद्धस्तर पर पेयजल योजनाओं के कार्य चल रहे हैं।