कुल्लू - रेल मंत्री सुरेश प्रभु 30 मई को कुल्लू -मनाली में तशरीफ ला रहे हैं। स्वयं प्रभु आ रहे हैं तो ऐसे में हिमाचल में रेल नेटवर्क के विस्तार की उम्मीदें एकाएक जवां हो उठी हैं। सूत्र बताते हैं कि भाजपा के एक कार्यक्रम में सुरेश प्रभु मुख्य वक्ता की हैसियत से शिरकत करेंगे। वहीं इस बहाने प्रभु हिमाचल में छुक छुक कर रेंगती रेल को रफ्तार देने की संभावनाएं भी तलाशते नजर आएंगे। रेल मंत्री के साथ ही कानून मंत्री सदानंद गौड़ा के भी मनाली आने का कार्यक्रम बताया जा रहा है।
रोहतांग दर्रा के लिए पर्यटक वाहनों को रेगुलेट करने तथा भारी भरकम टैक्स वसूली संबंधी नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के हालिया फैसले से बने हालात के मद्देनजर इससे जुड़े कानूनी पहलुओं पर सदानंद गौड़ा रोशनी डाल सकते हैं। मंडी के सांसद रामस्वरूप शर्मा ने रेल मंत्री सुरेश प्रभु के प्रस्तावित मनाली दौरे की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि रेल मंत्री का मनाली दौरा लगभग फाइनल हो चुका है, यह हिमाचलियों के लिए खास होने जा रहा है।
ब्रिटिश शासनकाल में बिछी पठानकोट -जोगिंद्रनगर नैरो गेज रेलवे ट्रैक को ब्राडगेज में बदलने की मांग को एक अरसे से सत्ता के गलियारों में अनसुना किया जाता रहा है। वहीं सामरिक महत्त्व के भानुपल्ली-बिलासपुर-मनाली-लेह तक रेलवे ट्रैक बिछाने की योजना महज कागजों में सिमट कर रह गई है, जबकि सीमा पार चीन की ढांचागत विकास की तैयारियों को देखते हुए हिमाचल के बार्डर एरिया में भी रेलवे ट्रैक बिछाना भारत की सामरिक जरूरतों के लिए बेहद महत्त्वपूर्ण माना जा रहा है।
रेल मंत्री ऐसे समय हिमाचल का रुख करने जा रहे हैं जब हाल ही में ऊना में किसानों को मुआवजा न मिलने से जनशताब्दी ट्रेन को जब्त करने तक की नौबत आ जाने से रेलवे को शर्मसार होना पड़ा है। माना जा रहा है कि रेलवे के ट्रैक पर लंबे समय से उपेक्षा का दंश झेल रहे हिमाचल में रेलवे के किसी बड़े प्रोजेक्ट का ऐलान कर रेल मंत्री सुरेश प्रभु इस रूप में पहाड़ी मानस का दिल जीत लेंगे।