चंडीगढ़ - हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि प्रदेश में पहली से लेकर आठवीं कक्षा तक की परीक्षाओं को फिर से शुरू करने पर राज्य सरकार विचार-विमर्श कर रही है। उन्होंने बताया कि पिछली सरकार में आठवीं तक की परीक्षाओं को समाप्त कर दिया गया है, जिससे विद्यार्थियों पर परीक्षाओं का डर समाप्त हो गया है, जिसका नतीजा सबके सामने है। दसवीं व दस जमा दो के बोर्ड की परीक्षाओं के परिणाम संतोषजनक नहीं रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के स्कूलों में अध्ययन स्तर में सुधारात्मक कार्रवाई करने के लिए रेमिडियल टीचिंग पर विशेष बल देकर गुणवत्ता सुधार कार्यक्रम प्राथमिकता के आधार पर लागू किया जाएगा।
मुख्यमंत्री सोमवार को कुरुक्षेत्र में गीता निकेतन आवासीय स्कूल के कार्यक्रम में भाग लेने के उपरांत पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के शिक्षण स्तर में सुधार के लिए स्कूलों में मासिक टेस्ट देने की स्कीम को शुरू कर दिया गया है। प्रदेश में विद्यार्थियों के शिक्षण स्तर में सुधार लाने के लिए पहली से आठवीं तक की कक्षाओं में मासिक टेस्ट शुरू करने तथा शिक्षकों में स्वय अनुशासन की भावना पैदा करने के अध्यापक डायरी बनवाना अनिवार्य किया गया है। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों ने शिक्षा की तरफ बिलकुल भी ध्यान नहीं दिया।
वर्तमान सरकार भावी नागरिक का निर्माण करना चाहती है। सरकार इस विषय को गंभीरता से लेकर कार्य कर रही है और शिक्षा के स्तर में धीरे-धीरे सुधार किया जा रहा है। इसके लिए राज्य सरकारी निजी शिक्षण संस्थानों के साथ-साथ अन्य शिक्षाविद का भी सहयोग लेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा प्रदेश में हर जगह पर्यटन की संभावनाएं हैं। राज्य सरकार द्वारा पंचकूला में राज्यस्तरीय संग्रहालय स्थापित किया जा रहा है। कुरुक्षेत्र को सांस्कृतिक रूप में विकसित करने के लिए राज्य सरकार कई तरह की योजनाओं पर काम कर रही है। सरकार चाहती है कि कुरुक्षेत्र को सांस्कृतिक रूप में विकसित किया जाए और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक अलग पहचान बने।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरस्वती नदी पर निर्माण कार्य चल रहा है। सरस्वती नदी के मार्ग में उचित जगहों पर पर्यटन की संभावनाओं को भी तलाशा जा रहा है। राज्य सरकार सरस्वती प्रोजेक्ट को लेकर गंभीरता से कार्य कर रही है। इस मौके पर मुख्यमंत्री के ओएसडी राजकुमार भारद्वाज, थानेसर विधायक सुभाष सुधा, लाडवा विधायक डा. पवन सैणी, उपायुक्त सीजी रजिनिकांतन, पुलिस अधीक्षक सिमरदीप सिंह, विद्या भारती के अध्यक्ष श्रीपाल सिंह, अध्यक्ष कुलवंत राय छाबड़ा, वरिष्ठ उपाध्यक्ष रतन लाल, ओम प्रकाश गुप्ता, सतपाल शर्मा अन्य अधिकारी मौजूद थे।