शिमला - बेहतर कानून व्यवस्था में हिमाचल का नाम देश भर में सर्वश्रेष्ठ राज्यों में शुमार है। इस सबके बावजूद प्रदेश में बढ़े औद्योगिकरण और विकास के चलते अपराधों की संख्या बढ़ी है। इसी के मद्देनजर प्रदेश में कानून-व्यवस्था को और कारगर ढंग से चुस्त-दुरुस्त करने के लिए इस साल बद्दी और कुल्लू में महिला थाने खुल जाएंगे। अभी तक केवल शिमला में ही महिला थाना है जहां केवल महिलाओं से संबंधित मामले दर्ज किए जाते हैं।
यही नहीं अपराध और अपराधियों पर तुरंत नकेल कसने के लिए प्रदेश में 128 पुलिस चौकियों को थाने की शक्तियां मिल गई हैं जिसके चलते अब पुलिस चौकियों में भी एफआईआर दर्ज हो सकेगी। पुलिस बल को सुदृढ़ करने के लिये पुरुष कान्सटेबल के 600 पद और महिला कान्सटेबल के 200 पदों को भरने की प्रक्रिया लगभग पूरी कर ली गई है। शिमला, मण्डी तथा धर्मशाला में तीन महिला पुलिस थाने खोले एवं क्रियाशील बनाए गए हैं। राज्य सरकार इस वर्ष बद्दी और कुल्लू में दो और महिला थानों की स्थापना करने जा रही है।
राज्य में पुलिस पोस्टें अभी तक पुलिस स्टेशनों के अधीन कार्य कर रही हैं लेकिन पहले इन पोस्टों को प्राथमिकी दर्ज करने की शक्तियां नहीं थी, जिसके चलते लोगों को पुलिस स्टेशन में प्राथमिक सूचना रिपोर्ट दर्ज करवाने के लिये लम्बी दूरी तय करनी पड़ती थी। सभी अधीनस्थ पुलिस चौकियों का पूरी तरह कंप्युटरीकरण किया जा रहा है और इन्हें ब्रॉडबैंड के माध्यम से राष्ट्रीय अपराध एवं आपराधिक जांच नेटवर्क व प्रणाली परियोजना से जोड़ा जा रहा है। महिलाओं का आत्मविश्वास बढ़ाने के लिये राज्य के हर पुलिस स्टेशन में महिला पुलिस अधिकारी की तैनाती की गई है।
वॉयस विश्लेषण एवं डिजीटल सुविधाओं के अभाव में अपराधों की जांच में देरी के मद्देनजर प्रदेश सरकार जुन्गा स्थित राज्य फोरेन्सिक विज्ञान प्रयोगशाला में एक वॉयस विश्लेषण और एक डिजीटल फोरेन्सिक डिवीजन का सृजन कर रही है। साईबर अपराधों से निपटने के लिये राज्य सरकार ने एक अत्याधुनिक साईबर सुरक्षा जांच एवं नवोन्वेषण केन्द्र की स्थापना करने का निर्णय लिया है। इस केन्द्र को साईबर अपराध पुलिस स्टेशन के तौर पर अधिसूचित किया जाएगा।