शिमला - मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह और उनकी पत्नी प्रतिभा सिंह को बहुचर्चित सीडी मामले में हिमाचल हाईकोर्ट से भी राहत मिल गई है। हिमाचल अधीनस्थ सेवा चयन बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष एसएम कटवाल द्वारा दायर की गई याचिका को रद्द करते हुए हाईकोर्ट ने आज साफ कहा कि इस मामले में वीरभद्र सिंह और प्रतिभा सिंह के खिलाफ लगाए गए आरोप साबित नहीं होते। हाईकोर्ट ने इस मामले में अवैध तौर पर की गई रिकॉर्डिंग को भी मानने से मना कर दिया।
इसके अलावा अदालत ने हाईकोर्ट में कटवाल द्वारा चुनौती दिए जाने की वैधता पर भी सवाल उठाए। हाईकोर्ट का कहना था कि कटवाल इस मामले से सीधे तौर पर संबंधित नहीं हैं इसलिए उन्हें इस मामले में याचिका दायर करने का अधिकार नहीं है। हाईकोर्ट ने याचिका को देरी से दायर किए जाने के मामले में मांगी गई छूट देने से भी मना कर दिया। गौरतलब है कि पूर्व भाजपा सरकार के समय में इस मामले में दर्ज की गई एफआईआर के बाद शिमला की विशेष अदालत (वन) द्वारा भी वीरभद्र सिंह और उनकी पत्नी को बरी कर दिया गया था।
वीरभद्र सिंह को बरी किए जाने के बाद ही उनका मुख्यमंत्री बनने का रास्ता भी साफ हुआ था। सन् 2007 में लोकसभा चुनाव से ठीक पहले पूर्व पर्यटन मंत्री मेजर विजय सिंह मनकोटिया द्वारा जारी की गई उक्त सीडी को लेकर प्रदेश की राजनीति में खूब हंगामा हुआ था। आज हाईकोर्ट द्वारा सीडी मामले में वीरभद्र सिंह और उनकी पत्नी के पक्ष में सुनाए गए फैसले के बाद माना जा रहा है कि यह मामला भी अब हमेशा-हमेशा के लिए समाप्त हो गया है।