बिलासपुर - बेशक, बिलासपुर को एम्स जैसा बड़ा मेडिकल इंस्टीच्यूट मिलने का श्रेय केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा को मिल रहा हो, लेकिन हमीरपुर के सांसद अनुराग ठाकुर ने तत्कालीन केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डा. हर्षवर्धन चौहान के माध्यम से एम्स को मंजूरी मिलने की बात कहकर सियासी हलचल पैदा कर दी है।
आगामी दिनों में अनुराग के इस बयान से प्रदेश की राजनीति के गरमाने की संभावना को भी नकारा नहीं जा सकता। विशेषकर बिलासपुर में इसका असर देखने को मिल सकता है। रविवार को उन्होंने घुमारवीं में मंडल भाजपा और कोठीपुरा में मंडल श्रीनयनादेवी द्वारा आयोजित महासंपर्क अभियान के तहत कार्यकर्ताओं से कहा कि केंद्र में मोदी सरकार के सत्ता में आने के बाद वित्त मंत्री अरुण जेटली और तत्कालीन केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डा. हर्षवर्धन चौहान के माध्यम से एम्स को मंजूरी मिली है। मौजूदा केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने आश्वस्त किया है कि एम्स का काम दो साल में पूरा कर दिया जाएगा।
लिहाजा हिमाचल प्रदेश की जनता को नड्डा से बड़ी उम्मीदें हैं और जनता की उम्मीदों पर खरा उतरने के लिए नड्डा गंभीरता से प्रयास कर रहे हैं। अनुराग ठाकुर ने कहा कि मोदी सरकार का एक वर्ष का कार्यकाल उपलब्धियों भरा रहा है। इसके विपरीत प्रदेश की कांग्रेस सरकार ने अपना अढ़ाई साल का कार्यकाल भाजपा नेताओं व कार्यकर्ताओं के खिलाफ झूठे मुकदमे बनाने में ही बर्बाद कर दिया। उन्होंने कहा कि बिलासपुर के लिए एम्स को मंजूरी देने के साथ ही भानुपल्ली-बिलासपुर-मनाली रेललाइन के लिए 165 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए हैं।
शिमला से हमीरपुर तक नेशनल हाई-वे पर पुलों के निर्माण के लिए 286 करोड़ रुपए मंजूर किए गए हैं। सम्मेलन को प्रदेश भाजपा महासचिव एवं नयनादेवी के विधायक रणधीर शर्मा ने भी संबोधित किया।