चंडीगढ़ - हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने मंगलवार को गुडग़ांव जिला के रिक्रूट ट्रेनिंग सेंटर (आरटीसी) भौंडसी में रेकरूट बेसिक कोर्स बैच नंबर 79 व 80 के 994 रिक्रूट सिपाहियों की दीक्षांत परेड समारोह में शिरकत की। उन्होंने दीक्षांत परेड समारोह में प्रस्तुत की गई भव्य परेड की सलामी ली। मंगलवार को पास आउट हुए रेकरूट सिपाहियों में ज्यादातर भूतपूर्व सैनिक व उनके आश्रित हैं।
मुख्यमंत्री ने प्रशिक्षण के दौरान बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले रेकरूट को सम्मानित भी किया। इनमें परेड कमांडर राकेश कुमार, द्वितीय परेड कमांडर जयवीर के अलावा रेकरूट बैच नंबर 79 में आल राउंड प्रथम रहे गुरदीप, द्वितीय रहे एजाज खान तथा तृतीय स्थान पाने वाले प्रदीप शामिल थे।
इसी प्रकार, रेकरूट बैच नंबर 80 में आल राउंड प्रथम, द्वितीय व तृतीय स्थान पर रहे क्रमश: जगदीश, सुरेंद्र तथा रमेश सिंह को भी सम्मानित किया गया। इन दोनों बैचों के सभी प्रशिक्षणार्थियों ने हरियाणा पुलिस अकादमी मधुबन में प्रशिक्षण प्राप्त किया था और 24 मार्च, 2014 से शुरू हुआ यह प्रशिक्षण मंगलवार संपन्न हो गया। इनकी प्रस्तुति से प्रसन्न होकर मुख्यमंत्री ने सभी रेकरूट सिपाहियों के लिए एक सप्ताह के अवकाश की घोषणा भी की। अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान में हरियाणा पुलिस का संचालन पंजाब पुलिस नियम, 1934 के तहत किया जा रहा है।
शीघ्र ही हरियाणा पुलिस के लिए अलग हरियाणा पुलिस नियम बनाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि पुलिस के जवानों को शारीरिक व मानसिक तौर पर स्वस्थ बनाने के उदेश्य से योग को पुलिस प्रशिक्षण में अनिवार्य किया जाएगा। साथ ही मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा सरकार द्वारा गांवों में व्यायामशालाएं स्थापित करने तथा उनके संचालन में पुलिस विभाग पूर्ण सहयेग दें, जिससे पुलिस कर्मचारियों के स्वयं का स्वास्थ्यबर्धन भी होगा।
इससे पुलिस तथा जनता के बीच आपसी सहयोग एवं सामंजस्य में वृद्धि होगी। मनोहर लाल ने कहा कि आने वाले रक्षाबंधन तक प्रदेश के सभी जिलों में महिला थाने खोले जाएंगे, इसके लिए 500 महिला पुलिस कर्मियों की भर्ती भी की जाएगी। उन्होंने कहा कि इसके अलावा, 5000 पुरुष पुलिस कर्मियों की भर्ती भी होगी। उन्होंने कहा कि अनुसंधान अधिकारियों की कर्मी को पूरा करने के लिए 200 सब-इंस्पेक्टर भर्ती किए जाएंगे। इनकी भर्ती होने से अपराधों के अनुसंधान में और तेजी आएगी।