चंडीगढ़ - आम आदमी पार्टी (आप) के संयोजक अरविंद केजरीवाल को तानाशाह बताते हुए हरियाणा इकाई के 9 नेताओं ने पार्टी को अलविदा बोल दिया है। पार्टी छोडऩे वालों में हरियाणा के संयोजक डॉ़ आशावंत व मुख्य प्रवक्ता राजीव गोदारा भी शामिल हैं। इन नेताओं ने दिल्ली के विधायक नरेश बालियान को हरियाणा का सह-प्रभारी (स्वतंत्र प्रभार) नियुक्त करने पर आपत्ति जताते हुए कहा कि जिस व्यक्ति के परिसर से पुलिस ने शराब का जखीरा बरामद किया, उसे प्रभारी बनाकर अरविंद केजरीवाल ने यह सबूत दे दिया है कि वे पार्टी के सिद्धांतों को पूरी तरह से छोड़ चुके हैं।
बृहस्पतिवार को चंडीगढ़ में मीडिया से रूबरू हुए राजीव गोदारा, प्रदेश सचिव परमजीत सिंह और अंबाला लोकसभा क्षेत्र से उम्मीदवार रहे सुरेंद्र पाल सिंह ने पार्टी के सभी पदों और प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देते हुए पार्टी छोडऩे का ऐलान किया। प्रेस कांफ्रेंस में डॉ़ आशावंत को भी आना था लेकिन वे नहीं पहुंच सके। राजीव गोदारा ने आशावंत द्वारा दिया गया इस्तीफा मीडिया को सौंपा। इनके अलावा पार्टी की प्रदेश कार्यकारिणी के सदस्य रमजान चौधरी, बलबीर सिंह, रूपिंद्र कौर व प्रहलाद सिंह ने भी आप को छोड़ा दिया है।
सिरसा लोकसभा क्षेत्र से पार्टी के उम्मीदवार रहे एवं कर्मचारी नेता पूनम चंद रति ने भी योगेंद्र यादव के समर्थन में पार्टी छोड़ी है। इस्तीफा देने वाले प्रदेश सचिव परमजीत सिंह ने लोकसभा चुनाव में करनाल सीट से चुनाव लड़ा था। इससे पहले पार्टी के हरियाणा प्रभारी एवं राष्ट्रीय प्रवक्ता रहे योगेंद्र यादव को पार्टी निकाल चुकी है। सोनीपत से पार्टी के उम्मीदवार रहे जयसिंह ठेकेदार लोकसभा चुनाव के बाद आप छोडक़र भाजपा में शामिल हो चुके हैं।
आप छोडऩे वाले ये सभी नेता अब योगेंद्र यादव के साथ मिलकर ‘स्वराज संवाद’ का नारा बुलंद करेंगे। इसके लिए 17 मई को करनाल में ‘स्वराज संवाद’ अभियान को लेकर बैठक होगी। इस बैठक में योगेंद्र यादव व प्रशांत भूषण भी आएंगे। पार्टी छोडऩे के बाद इन नेताओं ने केजरीवाल पर जान-बूझकर हरियाणा में संगठन का विस्तार रोकने के आरोप जड़े। आप की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य नवीन जयहिंद का नाम लिए बिना गोदारा ने कहा कि अरविंद केजरीवाल ने अपने मोहरे के सहारे प्रदेश में पार्टी को तोडऩे व कमजोर करने की कोशिश की।