रोहतक -एक दशक तक प्रदेश की बागडोर संभालने वाले हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा सोमवार को फिर से पुरानी फोरम में आकर सक्रिय राजनीतिक में उतर आए। हुड्डा ने फिर से अपने संघर्ष की शुरूआत रोहतक की अदालत से की है। लंबे समय तक वकालत वर्ष 2005 में हरियाणा का मुख्यमंत्री बनने से पहले भूपेंद्र सिंह हुड्डा रोहतक से लोकसभा सदस्य थे। हुड्डा ने 1990 के दशक में सक्रिय राजनीति की शुरूआत से पहले रोहतक की बार में बैठकर ही रणनीति बनाई थी।
पूर्व सीएम हुड्डा पेशे से वकील रहे हैं। रोहतक की अदालत में उन्हें बकायदा चैंबर भी अलॉट किया गया है। हुड्डा लंबे समय तक यहां वकालत भी करते रहे हैं। इसी बार में रहे हुए हुड्डा ने अपनी राजनीतिक रणनीति को अंजाम दिया था। इसके बाद हुड्डा मुख्यमंत्री बने और उन्होंने बार में बैठना बंद कर दिया। अब सोमवार को हुड्डा फिर से बार में पहुंच गए।
राजनीतिक रूप से मजबूती घटनाक्रम को हुड्डा की दूसरी राजनीतिक पारी के साथ जोडक़र देखाजा रहा है। हुड्डा ने बकायदा रोहतक बार में स्थित अपने चैंबर नंबर-51 के बाहर नाम लिखवा कर उसे भी संभाल लिया है। हुड्डा ने बार में जाकर अपने पुराने वकील साथियों के साथ कई घंटे तक बातचीत की। हुड्डा ने कहा कि इस बार में आने से ही उन्हें राजनीतिक रूप से मजबूती मिली है। यह उनके घर की तरह है।
भविष्य की रणनीति के बारे में विचार-विमर्श हुड्डा ने बार के हाल में बैठकर पुराने वकीलों के साथ हरियाणा की राजनीति के बारे में भी काफी देर तक चर्चा की।