शिमला — शिमला में हाल-ए-दिल बयां करने के बाद प्रदेश के परिवहन मंत्री जीएस बाली कांग्रेस आलाकमान से मिलने दिल्ली पहुंचे हैं। उन्होंने पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी से मिलने का समय मांगा है। मंगलवार को यह मुलाकात हो सकती है। चर्चा है कि क्या परिवहन मंत्री एक बार फिर इस्तीफा हाइकमान को सौंपेंगे या नहीं। इससे पहले भी उन्होंने अपने विभाग में हस्तक्षेप को लेकर इस्तीफा हाइकमान को सौंप दिया था, जिसके बाद मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने भी कड़े तेवर दिखाते हुए कहा था कि यदि किसी को दिक्कत है तो इस्तीफा उनके पास सौंपे।
अब जिस तरह से परिवहन मंत्री ने मीडिया के समक्ष मुद्दे रखे हैं, उन्हें देखकर ये कयास लगाए जा रहे हैं कि जीएस बाली फिर से इस्तीफा सौंप सकते हैं। हालांकि ट्रेनी कंडक्टर व पूर्व में कंडक्टर भर्ती पर रोक प्रदेश उच्च न्यायालय ने लगाई है। मगर परिवहन मंत्री इस मसले को लेकर अरसे से रूष्ट दिख रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक बजट सत्र के दौरान भी इस मसले को कोर्ट से वापस लेकर हल करने की चर्चाएं थीं, मगर शिकायतकर्ता विधायक जस से तस नहीं हुए।
यही नहीं कांगड़ा रैली के दौरान भी जीएस बाली पार्टी में अपने विरोधियों के खिलाफ गुस्सा उगल चुके हैं। हालांकि तीन रोज पहले ही उन्होंने कहा था कि उन्हें विरोधियों से कोई डर नहीं, मगर जिस तरह से परिवहन मंत्री अब तेवर दिखा रहे हैं, उसे देखकर यही कयास लगाए जा रहे हैं कि हाइ कमान को फिर से वह इस्तीफा सौंप सकते हैं। हालांकि कांग्रेस के भीतर कई ऐसे नेता हैं, जिनका कहना है कि यह फिर से दबाव बनाने से ज्यादा कुछ नहीं है।
24 विधायकों द्वारा डाले जा रहे दबाव के बाद और फेरबदल की चर्चाओं के बीच जीएस बाली के तेवर गर्म तो नहीं पड़ रहे। सूत्रों की मानें तो मुख्यमंत्री ने भी इन मामलों में कड़ा संज्ञान लिया है।