हमीरपुर - सजा काटने के बावजूद पाकिस्तान की जेलों में बंद 22 भारतीय कैदी हिमाचल के हो सकते हैं। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने इन आशंकाओं के चलते हिमाचल सरकार को इन सभी कैदियों की सूची नाम व फोटो सहित भेजी है। इस पर राज्य गृह मंत्रालय ने हिमाचल पुलिस के माध्यम से इन भारतीय कैदियों की लिस्ट फोटो सहित सभी एसपी कार्यालयों को कार्रवाई के लिए प्रेषित की है। पाकिस्तान की विभिन्न जेलों में बंद सभी 22 भारतीय पुख्ता दस्तावेजों के अभाव में रिहा नहीं हो पा रहे हैं।
लिहाजा इनकी रिहाई के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय ने इनकी पहचान के आधार पर कैदियों के मूल पते दस्तावेजों सहित मांगे हैं। बहरहाल केंद्रीय गृह मंत्रालय के आदेशों के तुरंत बाद राज्य पुलिस हरकत में आ गई है। सभी जिला के एसपी को पांच पन्नों की रिपोर्ट भेजकर इन बंदियों के बारे में सूची मांगी है। इस आधार पर जिला पुलिस केंद्रीय गृह मंत्रालय से जारी की गई बंदियों की सूची को अपनी वेबसाइट तथा सूचना पट्ट पर चस्पां कर इसकी जानकारी जुटा रही है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि पाकिस्तान की विभिन्न जेलों में 22 भारतीय ऐसे बंदी हैं, जो कि पहचान के अभाव में सजा काटने के बावजूद नहीं छूट पा रहे हैं।
इनकी रिहाई में रोड़ा बने दस्तावेजों ने कैदियों के मूल प्रमाण पत्र पेश करना जरूरी हैं। ऐसा करने के लिए इनकी पहचान करना जरूरी है। अहम है कि गृह मंत्रालय से जारी सूची में बंदियों की ब्लैक एंड व्हाइट तस्वीरें धुंधली दर्शाई गई हैं। इसके अलावा इनके सिर्फ नाम तथा आयु लिखी गई है। बंदियों के घर का पता न होने के कारण अब इन्हें ढूंढना मुश्किल हो गया है। मंत्रालय के अनुसार इनके परिजन भी रिहाई के लिए संपर्क नहीं कर पाए हैं।
इससे पहले केंद्रीय गृह मंत्रालय पाक जेलों में बंद इन बंदियों की तालाश में अन्य राज्यों में भी ऐसा ही अभियान छेड़ चुकी है। अब केंद्रीय गृह मंत्रालय ने हिमाचल सरकार को इस पर जांच पड़ताल के आदेश दिए हैं। उल्लेखनीय है कि भारत-पाकिस्तान विभाजन के बाद उपजे माहौल के दौरान कई भारतीय नागरिकों को पाकिस्तान की अलग-अलग जेलों में बंद कर दिया था। इसके बाद भी कई भारतीय नागरिकों को पाक जेलों में रखा गया है।