शिमला - करीब पांच महीने बाद हिमाचल प्रदेश को केंद्र से सोलर लाइटें मंजूर हो पाई हैं। प्रदेश के 66 हजार सोलर स्ट्रीट लाइटों के प्रोजेक्ट को केंद्र ने अभी तक मंजूरी नहीं दी है, मगर अनुसूचित जाति गांवों के लिए लाइटों की मंजूरी मिल गई है। इन गांवों में 9700 स्ट्रीट लाइटें लगेंगी, जिसके लिए 90 फीसदी की सबसिडी केंद्र सरकार प्रदान करेगी। 10 फीसदी धनराशि लाभार्थियों द्वारा ली जाएगी। हाल ही में केंद्रीय नव एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय ने हिम ऊर्जा को मंजूरी प्रदान की है।
साथ ही इन लाइटों के लिए चार करोड़ रुपए की राशि भी जारी कर दी है। हिम ऊर्जा नोडल एजेंसी होने के नाते सभी अनुसूचित वर्गों से संबंधित गांवों में इन लाइटों को लगवाएगी। बताया जाता है कि जवाहर लाल नेहरू सोलर मिशन के तहत ही प्रदेश को 9700 लाइटें मंजूर हुई हैं। इसके तहत हिम ऊर्जा ने प्रदेश के लिए 66 हजार से अधिक लाइटों का प्रोजेक्ट बनाकर भेजा था, परंतु अभी तक इसकी मंजूरी नहीं मिल पाई है। सूत्र बताते हैं कि वर्ष 2013 में 24552 लाइटें प्रदेश को मिली थीं, उसकी धनराशि भी अभी तक केंद्र के पास ही है।
फिलहाल यहां अनुसूचित जाति बहुल गांवों को चिन्हित किया जा रहा है और यह देखा जा रहा है कि किस गांव के लिए कितनी लाइटों की जरूरत हैं। यहां की संबंधित पंचायतों से भी हिम ऊर्जा डिमांड मांगेगा और डिमांड के मुताबिक इन गांवों को 9700 लाइटों में से उनका हिस्सा दिया जाएगा। सोलर स्ट्रीट लाइट लगाने को पंचायतें, क्योंकि लाभार्थी मानी जाएंगी, लिहाजा 10 फीसदी राशि उन्हें भी देनी होगी। उधर, केंद्रीय मंत्रालय ने हिम ऊर्जा से उसके द्वारा किए जा रहे कार्यों के यूटिलाइजेशन सर्टिफिकेट भी मांगे हैं, ताकि उस पर पैसा रिलीज किया जा सके।