भावानगर - जिला किन्नौर में एक बड़ा हादसा होने से बाल-बाल बच गया, जब हिमाचल पथ परिवहन की सवारियों से भरी बस सतलुज नदी में डूबने से बाल-बाल बच गई। रिकांगपिओ जाने के लिए उरनी के पास लोक निर्माण विभाग द्वारा बनाया गया अस्थायी पुल उस समय ध्वस्त हो गया, जब सवारियों से भरी बस का भार सीमेंट का कल्वर्ट नहीं उठा सका और पाइप के टूटते ही बस सतलुज नदी की ओर लटक गई। बस ड्राइवर की सूझबूझ के चलते एक बड़ा हादसा होने से टल गया।
बस को काफी देर के बाद जेसीबी व पोकलाइन की सहायता से बमुश्किल निकाला जा सका। इसके अतिरिक्त कंडक्टर ने सवारियों को आपात खिडक़ी से बाहर निकाल कर बड़ा हादसा होने से बचा लिया। दरअसल राष्ट्रीय उच्च मार्ग-5 उरनी ढांक के लगातार खिसकने से बीते कई महीने से बंद है, जिसके लिए लोक निर्माण विभाग ने सतलुज नदी पर सीमेंट के कल्वर्ट बिछा कर अस्थायी मार्ग का निर्माण किया था। इस पर छोटे-बड़े वाहनों के अतिरिक्त सामान से लदे ट्रक भी पार हो रहे थे।
लोक निर्माण विभाग के अधिशाषी अभियंता एमबी ठाकुर ने बताया कि उन्होंने प्रशासन को पानी बढऩे और अस्थायी पुल के कमजोर पडऩे की खबर दे दी थी। थाना प्रभारी प्रकाश चंद नेगी ने बताया कि उनको जैसे ही प्रशासन द्वारा सूचना मिली पुलिस के जवान नदी के दोनों ओर तैनात कर दिए गए, वह खुद घटना स्थल पर मौजूद थे, वाहनों की आवाजाही रोक दी गई है। वहीं बीडीओ छवि नैंटा ने पुष्टि करते हुए कहा कि सूचना मिलते ही वह स्वयं मौके पर गई थी व बचाव कार्यों का जायजा लिया।