शिमला - ऊना जिला में केंद्र सरकार द्वारा दिए गए आईआईआईटी के शिलान्यास का मुद्दा एक दफा फिर से सदन में गूंजा। ऊना जिला के विपक्षी विधायक वीरेंद्र कंवर ने सरकार पर बिना केंद्र सरकार की इजाजत के इसका शिलान्यास करने का आरोप लगाया और यहां तक कहा कि यह सिर्फ हवाई शिलान्यास है। जल्दबाजी में सरकार ने न जाने क्यों इसका शिलान्यास कर दिया, जबकि इसके लिए केंद्र सरकार ने अधिकृत नहीं किया था।
उन्होंने आरोप जड़ा कि प्रदेश सरकार को तब यह भी पता नहीं था कि उक्त संस्थान किस आधार पर बनाया जाना है। इसे पीपीपी मोड पर बनाएंगे या किसी दूसरे माध्यम से, बावजूद इसके जल्दबाजी में यहां शिलान्यास कर दिया गया, जबकि धरातल पर कुछ नहीं है। उन्होंने कांग्रेस पर जनता को गुमराह करने का आरोप लगया। विपक्षी विधायक के इन आरोपों को सिरे से नकारते हुए मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि सलोह में आईआईआईटी के लिए जगह केंद्र सरकार की टीम ने चयनित की है और उनके निर्देशों पर ही यहां संस्थान की स्थापना के लिए काम चल रहा है।
यहां केंद्र सरकार के निर्देशों पर शिलान्यास हुआ है और उनकी अनुमति से शिलान्यास किया गया है। यह कोई हवाई फायर नहीं है। इस संस्थान का शिलान्यास उद्योग मंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने किया था। सीएम वीरभद्र सिंह ने कहा कि यहां पर शिलान्यास पत्थर पर मेरा नाम, मेरी अनुमति से लगा है। उन्होंने सदन को बताया कि पहली अप्रैल, 2013 से 31 अक्तूबर, 2014 तक जिला ऊना में 66 उद्घाटन किए गए हैं, जबकि 54 शिलान्यास किए गए हैं।