शिमला - सरकार ने प्रदेश में बेमौसमी बरसात से हुए नुकसान की सभी जिला उपायुक्तों से रिपोर्ट मांगी है। राजस्व मंत्री कौल सिंह ने मंगलवार को सदन में कुल्लू के विधायक महेश्वर सिंह द्वारा नियम-62 के अंतर्गत लाए गए ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के जवाब में कहा कि राज्य में चालू वित्त वर्ष के तहत बर्फबारी और बारिश से भारी नुकसान हुआ है। पिछली बरसात में 832 करोड़ रुपए के नुकसान का प्रस्ताव केंद्र को भेजा गया था, मगर उससे राहत के नाम पर कुछ नहीं मिला, जो पैसा आया उसे जिलाधीशों को जारी कर दिया है।
राजस्व मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रभावित को हरसंभव सहायता उपलब्ध करवाने के लिए प्रयासरत है और जैसे ही जिला उपायुक्तों से रिपोर्ट मिलती है, उस आधार पर आगामी कदम उठाए जाएंगे। प्रदेश भर में बर्फबारी और बारिश से 59 लोगों की मौत हुई है, जबकि 1380 मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं। इसी तरह पीडब्ल्यूडी, आईपीएच, विद्युत सहित अन्य विभागों को भी करोड़ों रुपए का नुकसान हुआ है तथा किसानों और बागबानों को भी क्षति पहुंची है। भारत सरकार की टीम भी प्रदेश में हुए नुकसान का आकलन कर चुकी है।
उपायुक्त कुल्लू को छह करोड़ 17 लाख रुपए की राशि जारी की गई है। इससे पूर्व विधायक महेश्वर सिंह ने बीते आठ मार्च की रात को अधिक वर्षा होने के कारण कुल्लू नगर के वार्ड नंबर-चार में मठ नामक स्थान पर भारी भू-स्खलन से हुए नुकसान का मामला उठाया। इस पर कौल सिंह ने कहा कि भू-स्खलन से सरकारी व निजि संपत्ति सहित चार घरों को नुकसान पहुंचा है। संबंधित चार परिवारों को तुरंत राहत राशि के तौर पर पांच-पांच हजार रुपए स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी कर दिए गए हैं।