चण्डीगढ़ - हरियाणा के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने कहा है कि जिला पानीपत में नवजीवन मैडीकेयर एलएलपी में जो 19 लोगों की आखों के आपरेशन के पश्चात घातक संक्रमण हुआ है वह दुर्भाग्यपूर्ण है और इस घटना में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके विरूद्घ कडी से कडी कार्यवाही अमल में लाई जाएगी। उन्होंने कहा कि पीजीआई, चण्डीगढ में जो 14 आंखों के मरीज भर्ती हैं, उनका सारा खर्च राज्य सरकार द्वारा वहन किया जाएगा।
स्वास्थ्य मंत्री आज यहां पीजीआई, चण्डीगढ़ में 19 आंखों के मरीजों में से 14 आंखों के मरीजों को देखने व उनका हालचाल जानने के उपरांत पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि इन मरीजों का आप्रेशन गत 11 मार्च को जिला पानीपत में एक सोसायटी द्वारा करवाया गया था जिसके बाद 14 मार्च को इन मरीजों की आंखों में संक्रमण होने की शिकायत मिली, जो कि आंख के लिए घातक संक्रमण था। उन्होंने कहा कि इस घटना की जांच के लिए एक कमेटी का गठन किया गया है, जिसमें पानीपत के मैडिकल अधीक्षक डा. एस. के. गुप्ता, पानीपत के उप सिविल सर्जन डा. शशि गर्ग, पानीपत की आंख विशेषज्ञ डा. शालिनी मेहता और पानीपत की माईक्रो-बायोलोजिस्ट डा. प्रीति भाटिया शामिल है।
डाक्टरों की यह टीम कार्यवाही कर रही है। इसके अलावा न्यायायिक जांच करवाने के लिए जिला प्रशासन द्वारा एसडीएम, समालखा की अध्यक्षता में एक कमेटी गठित की गई है। उन्होंने कहा कि पीजीआई, चण्डीगढ़ में 14 मरीजों में से 6 मरीजों का आपरेशन कर दिया गया है। उन्न्होंने बताया कि इस प्रकार से लोगों की आंखों के आप्रेशन के लिए सुप्रीम कोर्ट की के दिशानिर्देश है जिसके तहत इस पूरे मामले में कार्यवाही की जाएगी।
एक अन्य प्रश्न के उत्तर में स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि इस मामले में सिविल सर्जन से स्वीकृति ली गई है या नहीं इसकी भी कानूनी धाराओं के तहत जांच कर कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने कहा कि इस जांच को शीघ्र से शीघ्र करके पहले प्राथमिक रिपोर्ट दी जाएगी और उसके बाद अंतिम रिपोर्ट आएगी। मंत्री ने बताया कि गत 11 मार्च को 19 लोगों का मोतियाबिंद का आंखों का आपरेशन किया गया था, जिनमें से 14 मरीज आज यहां चण्डीगढ़ में भर्ती है और पांच मरीजों का उपचार पानीपत में चल रहा है।
हरियाणा स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव रामनिवास, हरियाणा स्वास्थ्य सेवाएं विभाग के महानिदेशक डाक्टर डी.पी.लोचन, डाक्टर राजीव वडेरा, डाक्टर वी.के बंसल, डाक्टर जगदीप सिंह ने भी पीजीआई, चंडीगढ़ में जाकर मरीजों का हालचाल जाना।